banner

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ‘सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ – एक एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम के दिशानिर्देश जारी किए

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ‘सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ के कार्यान्वयन के संबंध में परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस योजना को भारत सरकार ने 15वें वित्त  आयोग की अवधि 2021-22 से 2025-26 के दौरान कार्यान्वयन के लिए मंजूरी दी है।

सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 एक एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम है। यह पोषण सामग्री और वितरण में एक रणनीतिक बदलाव के माध्यम से बच्चों, किशोर लड़कियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण की चुनौतियों का समाधान करना चाहता है और स्वास्थ्य, कल्याण और प्रतिरक्षा का पोषण करने वाली कार्य प्रणालियों को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए एक सम्मिलित इको-सिस्‍टम बनाना चाहता है।

वर्तमान पोषण कार्यक्रम में विभिन्न अंतरालों और कमियों को दूर करने और कार्यान्वयन में सुधार के साथ-साथ पोषण और बाल विकास परिणामों में सुधार में तेजी लाने के लिए, मौजूदा योजना घटकों को पोषण 2.0 के तहत नीचे दिए गए मुख्‍य कार्यक्षेत्रों में पुनर्गठित किया गया है:

यह भी पढ़ें :   8वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मैसूर में आयोजित किया जाएगा : प्रधानमंत्री सामूहिक प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे

पोषण 2.0 के उद्देश्य इस प्रकार हैं:

• देश के मानव पूंजी विकास में योगदान करने के लिए;

• कुपोषण की चुनौतियों का समाधान करना;

• स्थायी स्वास्थ्य और कल्‍याण के लिए पोषण जागरूकता और खाने की अच्छी आदतों को बढ़ावा देना; तथा

• प्रमुख रणनीतियों के माध्यम से पोषण संबंधी कमियों को दूर करना।

पोषण 2.0 मातृ पोषण, शिशु और छोटे बच्चे के आहार के मानदंड, एसएएम / एमएएम के लिए उपचार प्रोटोकॉल और आयुष कार्य प्रणालियों के माध्यम से सम्‍पूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य और स्टंटिंग और एनीमिया के अलावा कम वजन के प्रचलन के लिए ‘पोषण ट्रैकर’ से द्वारा समर्थित, पर ध्यान केंद्रित करेगा, एक नया, मजबूत आईसीटी केंद्रीकृत डेटा प्रणाली जिसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आरसीएच पोर्टल (अनमोल) से जोड़ा जा रहा है।

यह भी पढ़ें :   केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय उप महाद्वीप के अग्रणी अनुसंधान जल पोत ‘सागर निधि’ का दौरा किया और उस पर मौजूद शीर्ष वैज्ञानिकों से बातचीत की

पोषण 2.0 में स्टंटिंग और एनीमिया के अलावा कम वजन के प्रसार को कम करने के लिए मातृ पोषण, शिशु और छोटे बच्चे के आहार के मानदंड, एसएएम / एमएएम के लिए उपचार प्रोटोकॉल और आयुष कार्य प्रणालियों के माध्यम से कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पोषण ट्रैकर ’द्वारा समर्थित, एक नया, मजबूत आईसीटी केन्‍द्रीकृत डेटा सिस्टम जिसे एमओएचएफडब्‍ल्‍यू के आरसीएच पोर्टल (अनमोल) से जोड़ा जा रहा है।

‘सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0’ के विस्तृत दिशानिर्देश यहां उपलब्ध हैं:

https://wcd.nic.in/acts/guidelines-mission-saksham-anganwadi-and-poshan-20

****

एमजी/एएम/केपी

यह भी देखें :   Live : ऑटो में बैठे व्यक्ति की जेब से 30 हजार रूपये निकाले, गंगापुर में लगातार वारदातें जारी

अपना सहयोग अवश्य दें।

हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है, अपना छोटा सा सहयोग देकर हमें आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करें।

क्लिक करें