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विद्युत और एनआरई मंत्रालय के लिए सांसदों की सलाहकार समिति की बैठक आयोजित

विद्युत और एनआरई मंत्रालय के लिए सांसदों की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक कल शाम नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय विद्युत एवं एमएनआरई मंत्री श्री आर. के् सिंह ने की। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के माननीय सांसदों ने भाग लिया। उपस्थित सांसदों में लोकसभा सांसद श्री अरूण साव, लोकसभा सांसद श्री चंद्रशेखर साहू, लोकसभा सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, लोकसभा सांसद श्री खगेन मुर्मू, लोकसभा सांसद श्री प्रद्युत बोरदोलोई, लोकसभा सांसद श्री रामदास चंद्रभानजी तडस, लोकसभा सांसद श्री रवींद्र कुशवाहा, लोकसभा सांसद श्रीमती रीति पाठक, लोकसभा सांसद श्रीमती संगीता कुमारी सिंह देव, लोकसभा सांसद श्री तपन कुमार गोगोई, राज्यसभा सांसद डॉ. अमी याज्ञनिक, राज्यसभा सांसद डॉ कनिमोझी एनवीएन सोमू शामिल थे। इस बैठक का विषय “ऊर्जा संरक्षण उपाय” था।

माननीय सांसदों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मंत्री महोदय ने बताया कि हाल के महीनों में जब बिजली की मांग में बढ़ोतरी हुई है, तो कुल बिजली उत्पादन में आरई का हिस्सा 25% से 29% था और आरई एक प्रमुख क्षेत्र है। एसएमई के लिए किए गए ऊर्जा दक्षता हस्तक्षेप की उपलब्धियों के बारे में भी बताया गया। ऊर्जा संरक्षण उपायों पर प्रस्तुति दी गई। 2021-22 में एसडीए योजना की उपलब्धियां भी साझा की गईं। बताया गया कि ऊर्जा मंत्रालय ने राज्यों को कहा है कि मुख्य सचिवों के अंतर्गत ऊर्जा परिवर्तन करने के लिए राज्य स्तरीय संचालन समितियों का गठन करें। कई राज्य पहले ही इन समितियों का गठन कर चुके हैं।

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विद्युत एवं एमएनआरई मंत्री ने माननीय सांसदों को अलग-अलग कृषि फीडरों की जानकारी दी, जो कृषि ऊर्जा खपत को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। भारत में कोल्ड चेन ऊर्जा दक्षता पर चर्चा की गई। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की पहलों पर चर्चा की गई। उजाला योजना की उपलब्धियों को भी साझा किया गया। बैठक में बिल्डिंग एनर्जी एफिशिएंसी प्रोग्राम पर भी चर्चा हुई। ये बताया गया कि ईसीबीसी को वाणिज्यिक भवनों के लिए शुरू किया गया था और 22 राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों द्वारा इसे अपनाया गया है। आवासीय भवनों के लिए 2018-19 में इकोनिवास संहिता शुरू की गई थी। बैठक के दौरान पीएटी-2 की प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया गया।

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माननीय सांसदों ने विभिन्न पहलों और योजनाओं के संबंध में कई सुझाव दिए। श्री सिंह ने प्रतिभागियों को उनके बहुमूल्य सुझावों के लिए धन्यवाद देते हुए बैठक का समापन किया।

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एमजी/एएम/जीबी/वाईबी

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