देश भर के एटीएल स्कूलों ने जबरदस्‍त टिंकरिंग कार्य के साथ बाल दिवस मनाया

 

‘भारत में एक मिलियन बच्चों को नियोटेरिक इनोवेटर्स के रूप में तैयार करने’ की परिकल्‍पना के साथ, अटल इनोवेशन मिशन भारत भर के स्कूलों में अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं (एटीएल) की स्थापना कर रहा है। हाल ही में एआईएम ने भारत भर के स्कूलों में 10,000 से अधिक एटीएल स्थापित करने का लक्ष्‍य हासिल किया है जिसका उद्देश्य युवा दिमाग में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देना और डिजाइन वाली सोच, कम्प्यूटेशनल सोच, अनुकूलक शिक्षा, भौतिक कंप्यूटिंग आदि जैसे कौशल विकसित करना है।

 

 

एआईएम की कार्यक्रम निदेशक सुश्री दीपाली उपाध्याय ने बाल दिवस और भारत के स्कूलों में 10000 एटीएल की स्थापना के अवसर पर सभी छात्रों को बधाई देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम के हिस्से के रूप में छात्रों को इस कार्य के पीछे वैज्ञानिक अवधारणा समझाई गई और एटीएल के उपकरण का उपयोग करके हाथ से चलने वाला पंखा बनाने संबंधी कार्यों की जानकारी दी गई। इस कार्य का उद्देश्य युवा छात्रों के बीच प्रयोग और मरम्‍मत के लिए दृष्टिकोण और योग्यता विकसित करना था। इन छात्रों को एक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था जहाँ उन्‍होंने अपने-अपने स्‍कूलों में किए गए टिंकरिंग कार्यों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए।

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देश भर में एटीएल के छात्र टिंकरिंग आंदोलन के राजदूत रहे हैं और उन्होंने अपनी रचनात्मक ऊर्जा का उपयोग हाथ में पकड़ने वाले पंखे का बेहतर संस्करण बनाने के लिए किया है। उन्होंने इसमें 3डी प्रिंटिंग को शामिल करने के लिए इसमें सुधार भी किया है। कुछ छात्र जटिल रोबोट और ड्रोन डिजाइन कर इसे अगले स्तर पर ले गए। एटीएल स्कूलों में इन नवाचार परियोजनाओं के बुनियादी ढांचे और तकनीकी जानकारी में मदद करने में सबसे आगे रहा है।

आदित्य विद्याश्रम स्कूल, पुडुचेरी से अंकुश और ग्रीन वैली स्कूल, श्रीनगर से सुफीनाह ने कहा, “इस मेगा टिंकरिंग इवेंट का हिस्सा बनना और अन्य एटीएल के साथ मिलकर परियोजना का निर्माण करना बहुत अच्छा था। हम इस गतिविधि के आयोजन के लिए पूरी एआईएम टीम को धन्यवाद देते हैं।”

प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता शरमन जोशी ने भी एक वीडियो संदेश के माध्यम से छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि “टिंकरिंग कार्य का यह स्‍केल पहले नहीं देखने को मिला और भारत में टिंकरिंग आंदोलन को गति देने का मार्ग प्रशस्त करता है”।

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एआईएम के मिशन निदेशक डॉ. चिंतन वैष्णव ने अपने संदेश में बचपन में पहली बार इस तरह के टिंकरिंग कार्य को याद करते हुए कहा कि “आज के युग में बच्चों के पास वे साधन और संसाधन हैं जो पहले उपलब्ध नहीं थे। इस तरह का कार्य भारत को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘बनाने की भावना” प्रदर्शित करता है।”

एटीएल कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें – http://aim.gov.in/atl.php

यू ट्यूब लाइव लिंक  – https://www.youtube.com/watch?v=cWBVvz9rdOs&ab_channel=AtalInnovationMissionOfficial

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एमजी/एएम/केपी

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