‘हैडिनलेंटू’ हमारे समय के शहरी समाज में किशोरों के समक्ष आने वाली संवेदनशील समस्‍याओं को चित्रित करती है: निर्देशक पृथ्वी कोनानूर

हैडिनलेंटू दो किशोर विद्यार्थियों की मार्मिक दास्‍तान बयां करती है, जिनकी एक लापरवाही ने उनके जीवन के अस्तित्व को झकझोर डाला है।

गोवा में 53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में पीआईबी द्वारा आज आयोजित ‘टेबल टॉक्स’ में भाग लेते हुए निर्देशक पृथ्वी कोनानूर ने कहा कि यह फिल्म उन दो विद्यार्थियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका जीवन जब एक बाद एक आते कष्‍टों के कारण डरावना सपने की सूरत अख्तियार कर लेता है और उनके सामने आ रही कठिन परिस्थितियां थमने का नाम ही नहीं लेतीं।

यह कन्नड़ फिल्म 53वें इफ्फी में इंडियन पैनोरमा फीचर फिल्म खंड के तहत उद्घाटन फिल्म के रूप में प्रदर्शित की गई।

हैडिनलेंटू दीपा और हरि की कहानी पर केंद्रित है, जो कॉलेज खत्‍म होने के बाद कक्षा में अपने अंतरंग पलों को आवेग में आकर रिकॉर्ड कर लेते हैं। इस रिकॉर्डिंग के ऑनलाइन लीक हो जाने पर कैसे जातिगत भेदभाव और आर्थिक विभाजन के उनके जीवन में खलनायक की भूमिका निभाने की वजह से इस घटना से भड़का आक्रोश काबू से बाहर हो जाता है।

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पृथ्वी कोनानूर के अनुसार, यह फिल्म पितृसत्ता, जातिगत भेदभाव, आर्थिक विभाजन, सामाजिक दायित्वों और जटिलताओं सहित विभिन्न विषयों से संबंधित है, जो स्पष्ट रूप से धनी और निर्धन लोगों के बीच के फासले को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “यह इस बात की पड़ताल करती है कि आम लोग जब अप्रत्याशित परिस्थितियों में उलझ जाते हैं तो उन्हें क्‍या-क्या सहना पड़ता है।”

फिल्‍म के अंत में न तो किसी का पक्ष लिया गया है और न ही कोई निर्णय सुनाया गया है। इस बारे में चर्चा करते हुए निर्देशक ने कहा, “हमने इसे दर्शकों की कल्पना के लिए खुला छोड़ दिया है।”

निर्देशक के अनुसार, हैडिनलेंटू शीर्षक सत्रह और अठारह के लिए कन्नड़ भाषा के शब्दों के संयोजन से लिया गया है, जो इन किरदारों की किशोरावस्था को दर्शाता है।

फिल्‍म में नायिका दीपा और नायक हरि की भूमिका निभाने वाले शर्लिन भोसले और नीरज मैथ्यू ने भी अन्य कलाकारों और क्रू के साथ ‘टेबल टॉक्स’ में भाग लिया।

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निर्देशक पृथ्वी कोनानूर की फिल्मों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शित, नामांकित किया गया है और उन्‍होंने पुरस्कार भी जीते हैं। हैडिनलेंटू उनकी चौथी फिल्म है और इसका वर्ल्ड प्रीमियर बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 20 में हुआ था। 

फिल्म के बारे में:

निर्देशक: पृथ्वी कोनानूर

निर्माता: कोनानूर प्रोडक्शंस

पटकथा: पृथ्वी कोनानूर, अनुपमा हेगड़े

छायाकार: अर्जुन राजा

संपादक: शिवकुमार स्वामी

कास्ट: शर्लिन भोसले, नीरज मैथ्यू, रेखा कुदलिगी, भवानी प्रकाश, रवि हेब्बल्ली

सारांश :

12वीं कक्षा के विद्यार्थी- दीपा और हरि, शनिवार की दोपहर को कॉलेज खत्‍म होने के बाद कक्षा में अपने अंतरंग पलों को दीपा के फोन पर रिकॉर्ड कर लेते हैं। सोमवार को प्रिंसिपल उन्हें बुलाकर बताते हैं कि उनका वीडियो अब इंटरनेट पर है। इस घटना से उनके परिवार बिल्‍कुल सन्‍न रह जाते हैं। कॉलेज प्रशासन उनके भाग्य का फैसला करता है और उन्हें दंड स्वरूप निष्‍कासित रखा जाता है। लेकिन जब उनकी जाति का सवाल सामने आता है तो हालात बेकाबू होने लगते हैं।

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