53वें इफ्फी में चेक फिल्म एरहार्ट का एशियाई प्रीमियर

‘देश की राजनीतिक स्थिति की पृष्ठभूमि में एक रोमांटिक फिल्म’ निर्देशक जान ब्रेज़िना ने कुछ इन्‍हीं शब्‍दों में अपनी पहली फिक्शन फीचर फिल्म ‘एरहार्ट’ का वर्णन किया है। चेक गणराज्य की इस फिल्म ने 53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में अपना एशियाई प्रीमियर किया।

यह फिल्म 23 वर्ष के एक युवक की कहानी बयां करती है, जो अपनी मां को लेने के लिए अपने गृहनगर लौटता है और उसे अपने परिवार के अतीत के बारे में खतरनाक सच्चाई और स्थानीय समुदाय की स्‍याह विरासत के बारे का पता लगता है।

 

 

संवाददाता सम्‍मेलन में अपने देश के इतिहास के बारे में जान ​​ब्रेज़िना ने कहा, “30 साल पहले चेक गणराज्य समाजवादी शासन व्‍यवस्‍था से पूंजीवादी शासन व्‍यवस्‍था में परिवर्तित हो गया। यह अव्‍यवस्‍था का दौर था। राज्य के स्वामित्व वाली समस्‍त संपत्ति का निजीकरण किया गया। इससे अपराध जुड़े थे। यह सब तीस साल पहले हुआ था, लेकिन आज भी इसका कुछ प्रभाव बाकी है। इसलिए, मुझे यह देखना था कि चेक गणराज्य की आज की युवा पीढ़ी इसे किस नजरिए से देखती है।”

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निर्माता मारेक नोवाक ने कहा कि यह फिल्म अगले साल वसंत या सर्दियों में चेक गणराज्य में रिलीज होगी। अपने देश के फिल्म बाजार के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “फिल्म बाजार के आकार के संबंध में भारत और चेक गणराज्य की तुलना करना सार्थक नहीं है; हमारा सिर्फ 10 मिलियन आबादी वाला देश हैं और हम एक साल में लगभग 30-35 फिक्शन फीचर फिल्में बनाते हैं।” मारेक ने यह भी बताया कि महामारी के बाद की अवधि में, फिल्मों का एक बड़ा बैकलॉग हो गया है, जिन्‍हें अपने देश में रिलीज होने का इंतजार है, क्योंकि वहां हर हफ्ते पांच से छह प्रीमियर होते हैं। हमारे आकार के देश के लिए यह पर्याप्‍त है।

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एरहार्ट को फिल्म फेस्टिवल कॉटबस के 32वें संस्करण में प्रदर्शित किया गया है।

    

 

इस फिल्म पर टेबल टॉक उपलब्ध है:

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