53वें आईएफएफआई में फ्रांस के फोकस देश होने के साथ यह एक व्यापक फ्रेंच फिल्म अनुभव का समय है

बेले एट सेबेस्टियन: नोवेल जेनरेशन एक फ्रांसीसी फिल्म है, जो 10 वर्षीय सेबेस्टियन और अपने मालिक से प्रताड़ित एक कुत्ते बेले की कहानी कहती है। इस फिल्म का प्रीमियर भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के 53वें संस्करण में किया गया।

 

‘आईएफएफआई टेबल वार्ता’ में निदेशक पियरे कोरे

 

इस साल आईएफएफआई- 53 में फ्रांस को फोकस देश के रूप में चुना गया है। इससे पहले इस साल की शुरुआत में देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर कान्स फिल्म फेस्टिवल के मार्चे डू सिनेमा में भारत को कंट्री ऑफ ऑनर के रूप नामित किया गया था।

निदेशक-निर्माता पियरे कोरे ने पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की आयोजित ‘आईएफएफआई टेबल वार्ता’ में कहा कि उन पर इन पात्रों के साथ फिल्म बनाने को लेकर एक बड़ा दबाव था, क्योंकि बेले और सेबेस्टियन फ्रांस में बहुत प्रसिद्ध पात्र हैं, जिन्हें 60 के दशक के कई टीवी शो और यहां तक कि जापानी एनीमेशन में भी चित्रित किया गया था। उन्होंने कहा, “यह एक घरेलू मास्टर-पालतू पशु का संबंध नहीं है, बल्कि एक दोस्त और एक विकसित मानव- पशु संबंध है।”

 

 

‘आईएफएफआई टेबल वार्ता’ में ‘बेले एट सेबेस्टियन: नोवेल जेनरेशन’ के कलाकार और टीम

 

अभिनेता और एक प्रख्यात स्क्रीन दिग्गज ऑरेलियन रिकोइंग ने अपने अनुभवों और इस परियोजना के साथ जुड़ने के निर्णय को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र फिल्में करने के बाद वे इस प्रस्ताव को पाकर बहुत प्रसन्न थे। रिकोइंग ने कहा, “यह एक बड़ी बात है। एक अभिनेता के लिए एक पारिवारिक फिल्म करना एक सपना है।” बेले एट सेबेस्टियन विभिन्न विषयों- परिवार, एकल महिलाओं के संघर्ष और मानव जीवन व मृत्यु की जटिलताओं के बीच संघर्ष पर आधारित है।

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“मैं पिता हूं। मैं ट्रेलर में नहीं हूं।” इस दिग्गज अभिनेता ने अपनी टिप्पणी पर टिप्पणी पर हंसते हुए कहा। उन्होंने आगे कहा, “मैं फिल्म में एक बड़ा आश्चर्य हूं। मेरी भूमिका एक बुरे आदमी के रूप में चित्रित की गई है, जो इलाका चाहता है। यह एक लड़ाई है। यह फिल्म को जंगल और पहाड़ों से भी आगे धकेलती है। यह परिवार, पिता और पुत्र के बीच के रिश्ते का एक मजबूत चित्रण है।

निदेशक पियरे कोरे ने बताया, “कुत्ते और एक बच्चे के किरदार के साथ शूटिंग करना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव था। मैंने बाल अभिनेता चुनने से पहले 2000 से अधिक बच्चों का ऑडिशन लिया था।”

दर्शकों के लिए बेले एट सेबेस्टियन का नया संस्करण कैसे अलग होगा, इस बारे में मीडिया के एक सवाल के जवाब में निर्देशक ने साफ किया कि इसे समकालीन समय में ढाला गया है। इस फिल्म में इकोलॉजी नया विचार है और यह इसे पिछले संस्करणों से अलग बनाता है।

उन्होंने इस उम्मीद पर अपने संबोधन का समापन किया कि भारत एक बहुत बड़ा देश है और भारतीय दर्शकों का इस फिल्म को देखना बहुत अच्छा होगा।

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फिल्म ‘बेले एट सेबास्टियन: नोवेल जेनरेशन’ की फोटो

 

सारांश

बेले एट सेबेस्टियन: नोवेल जेनरेशन एक बच्चे सेबेस्टियन की कहानी है, जो अपनी दादी और चाची के साथ पहाड़ों में छुट्टियां बिता रहा है। जब तक एक विशाल कुत्ता बेले के साथ उसकी मुलाकात नहीं होती है, जिसके उसके मालिक ने बुरा व्यवहार किया था, तब तक भेड़ों के साथ अपनी दादी और चाची की सहायता करने में उसके जैसे शहरी लड़के के लिए मुश्किल से ही कोई रोमांचक संभावना हो। अन्याय से लड़ने और अपने नए मित्र की रक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार सेबेस्टियन अपने जीवन की सबसे उत्साहपूर्ण गर्मी की छुट्टी बिताएगा।

 

कलाकार और फिल्म की टीम

निदेशक: पियरे कोरे

निर्माता: सिडोनी डुमास, क्लेमेंट मिसेरेज, मैथ्यू वार्टर

पटकथा: सेसिल ऑब्री, एलेक्जेंडर कॉफ्रे, पियरे कोरे

सिनेमैटोग्राफर: गाइल्स पोर्टे

संपादक: डेविड मेनके

कलाकार: रॉबिन्सन मेन्सा रौनेट, मिशेल लारोक, एलिस डेविड, कैरोलीन एंगलेड

2022 | फ्रांसीसी | रंगीन | 96 मिनट

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एमजी/एएम/एचकेपी/एजे

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