मयूर विहार पॉकेट-1 से त्रिलोकपुरी-पिंक लाइन के संजय लेक मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन

मयूर विहार पॉकेट-1 तथा त्रिलोकपुरी को जोड़ने वाले लिंक -संजय लेक मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन आज केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से किया। इस महत्वपूर्ण संपर्क के खोले जाने के बाद 59 किलो मीटर लंबी पिंक लाइन अबाधित रूप से दिल्ली के उत्तरी और पूर्वी छोर को दक्षिण तथा सेंट्रल दिल्ली के महत्वपूर्ण बाजारों, अस्पतालों , परिवहन केंद्रों तथा प्रसिद्ध रिहायशी क्षेत्रों से जोड़ देगी। इस सेक्शन के खोले जाने से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 285 स्टेशनों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा मेट्रो कॉरिडोर तथा रैपिड मेट्रो, गुरुग्राम सहित) के साथ  390 किलो मीटर लंबा हो जाएगा।
इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री श्री कैलाश गहलोत, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री गुर्गा शंकर मिश्र तथा मेट्रो के एमडी श्री मंगु सिंह भी उपस्थित थे।
 केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने इस अवसर पर कहा कि मेट्रो रेल प्रणाली ने हमारे नागरिकों को विश्वस्तरीय परिवहन प्रणाली दी है। उस दृष्टि से  दिल्ली मेट्रो अग्रणी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो प्रणाली जैसी बड़ी आधारभूत परियोजना की योजना बनाना और उसे लागू करना आसान काम नहीं है। 

 
श्री पुरी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी तथा गतिशील नेतृत्व में देश में मेट्रो प्रणाली ने नेटवर्क कीविस्तार में भारी वृद्धि देखी है। उन्होंने कहा कि 850.8 मीटर के स्ट्रेच का आज किया गया उद्घाटन नेटवर्क की लंबाई की दृष्टि से छोटा हो सकता है।  लेकिन लोगों को बढ़ी हुई कनेक्टिविटी प्रदान करने की दृष्टि से यह कनेक्शन काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। त्रिलोक पुरी में छूटी हुई कड़ी अब जोड़ दी गई है ताकि मजलिस पार्क और शिवपुरी के बीच के दिल्ली मेट्रो के सबसे लंबे 59 किलो मीटर कॉरिडोर में शुरु से अंत तक की बाधा रहित यात्रा की जा सके। 
श्री पुरी ने कहा कि वर्तमान में 18 शहरों में 721 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क चालू है और इसके अलावा वर्तमान में 27 शहरों में नए मेट्रो नेटवर्क की 1,058 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निर्माण कार्य किया जा रहा। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेट्रो गैर-प्रदूषणकारी मोटरयुक्त और गैर-मोटर यात्रा साधनों का उपयोग करके अपने स्टेशनों से अंतिम छोर की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अनेक स्टेशन अत्याधुनिक जीपीएस सक्षम ऑटोरिक्शा से कनेक्ट किए गए हैं और डीएमआरसी द्वारा ई-बस का नया बेड़ा खरीदा गया है। ये बसें शीघ्र ही चलाई जाएंगी। 
 श्री पुरी ने कहा कि पिछले वर्ष देश के मेट्रो रेल इतिहास में दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं।  पहली बार चालक रहित मेट्रो ट्रेन का परिचालन प्रारंभ करना तथा दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को लागू किया जाना है। उन्होंने कहा कि ये दोनों उपलब्धियां लोक परिवहन अवसंरचना को उन्नत बनाए जाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण थीं।
आवास और शहरी कार्य मंत्री ने बताया कि डीएमआरसी के चौथे चरण के विस्तार में लगभग 62 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली तीन लाइनें भी धीरे-धीरे आकार ले रही हैं और निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनसीआर में रैपिड रेल ट्रांजिट के बनने के साथडीएमआरसी का चरण-4 निवासियों के लिए आवाजाही को काफी आसान बना देगा।
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डीएमआरसी नेटवर्क को 3 से 4 चार वर्षों के भीतर 458 किलोमीटर पूरा होने की आशा है। मेट्रो की सवारी करने वालों के बारे में उन्होंने कहा कि मेट्रो राइडरशिप कोविड-19 महामारी से पहले रोजाना लगभग 65 लाख तक पहुंच गई थी। आशा है कि मेट्रो 75 लाख यात्री प्रतिदिन के लक्ष्य को प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि 96 किलोमीटर का चालक रहित ड्राइवरलेस स्ट्रेच बनने के साथ ही दिल्ली मेट्रो विश्व की सबसे लंबी चालक रहित  स्ट्रेच बन जाएगी।

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मयूर विहार पॉकेट-1 से त्रिलोकपुरी स्टेशक का वर्णन
पिंक लाइन के त्रिलोकपुरी-संजय लेक और मयूर विहार पॉकेट 1 स्टेशन के बीच 290 मीटर के छूटे हुए  हिस्से पर निर्माण प्रारंभ हुआ।
निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, सराय काले खां आईएसबीटी, आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आनंद विहार आईएसबीटी, दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट केंद्र और दिल्ली हाट- आईएनए, सरोजिनी नगर और लाजपत नगर जैसे प्रमुख बाजारों को इस गलियारे के माध्यम से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
फेज-4 में इस कॉरिडोर को मजलिस पार्क से मौजपुर तक बढ़ाया जाएगा।इससे यह भारत में लगभग 70 किलोमीटर की दूरी में सबसे लंबा सिंगल मेट्रो कॉरिडोर बन जाएगा। फेज-4 के पूरा होने के बाद पिंक लाइन भी देश में मेट्रो की एकमात्र रिंग कॉरिडोर बनजाएगी।
डीएमआरसी के लिए इस स्ट्रेच का निर्माण चुनौतीपूर्ण था क्योंकि महामारी के कारण लगाए गए लॉक डाउन और कार्य बल की अनुपलब्धता के कारण काम में रुकावट आई। इस कार्य को पूरा करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी क्योंकि इस फासले पर सिविल निर्माण कार्य  बाधाओं के बावजूद जारी रहा और निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा हुआ।
डीएमआरसी त्रिलोकपुरी में सेतु के नीचे एक आंतरिक सड़क भी विकसित कर रहा है जो वसुंधरा रोड और त्रिलोकपुरी रोड को जोड़ेगी। यह सड़क 140 मीटर लंबी होगी। इससे क्षेत्र में भीड़-भाड़ कम करने में मदद मिलेगी और यातायात की स्थिति आसानी होगी।
यद्यपि वर्तमान में परिचालित पिंक लाइन सेक्शनों का परिचालन 2019 में प्रारंभ किया गया था लेकिन छोटे से स्ट्रेच में भार मुक्त भूमि नहीं मिलने के कारण विलंब हुआ। कानून की प्रक्रिया का पालन करने के बाद जमीन का अधिग्रहण किया गया था और निर्माण कार्य शुरू करने और पूरा करने के लिए परियोजना प्रभावित व्यक्तियों के पुनःस्थापन और पुनर्वास का काम किया गया। अक्टूबर 2019 में आंशिक पहुंच और दिसंबर 2020 में पूर्ण पहुंच उपलब्ध थी।
 प्रमुख विशेषताएं
काम में तेजी लाने के लिए और साइट के पास कास्टिंग यार्ड के लिए जगह नहीं मिलने के कारण पारंपरिक कंक्रीट वाले गार्टर के बजाय स्टील गार्टर का उपयोग करके निर्माण की अनूठी विधि अपनाई गई थी। 10 स्पैन पर कुल 40 स्टील गार्टर रखे गए हैं। इन स्टील गार्टरों को फैब्रिकेट करके यानी गढ़ करके हरियाणा के अंबाला स्थित एक वर्कशॉप से लाया गया है। इन गार्टरों की लंबाई 16 से 38 मीटर तक होती है। वायाडक्ट (सेतु) की ऊंचाई करीब 8 से 9.5 मीटर है। 200 मीटर के दायरे का घुमावदार स्पैन भी इस स्ट्रेच का एक हिस्सा है। इससे एक वर्ष से कम के रिकॉर्ड समय में काम पूरा करने में सहायता मिली है।
ट्रेन परिचालन योजना
मयूर विहार पॉकेट-1 से त्रिलोकपुरी-संजय लेक स्टेशनों तक के हिस्से की कनेक्टिविटी के बाद, निम्नलिखित परिचालन योजना के अनुसार संपूर्ण पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) पर रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी:-
 
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एमजी/एएम/एजी/सीएस