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जोरावर सिंह और फतेह सिंह के द्वारा बलिदान पर अब प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को हिन्दुस्तान मनाएगा वीर बाल दिवस।

जोरावर सिंह और फतेह सिंह के द्वारा बलिदान पर अब प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को हिन्दुस्तान मनाएगा वीर बाल दिवस।

हिन्दू धर्म के खातिर 6 व 9 वर्ष की उम्र में स्वयं को दीवार में चिनवा लेना, यह होती बच्चों की वीरता।
जोरावर सिंह और फतेह सिंह के द्वारा बलिदान पर अब प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को हिन्दुस्तान मनाएगा वीर बाल दिवस।
सिक्ख परंपरा के अनुरूप राजस्थान में भी बनाए गए हैं दो पेनोरमा।
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इतिहास गवाह है कि जब मुगल शासक औरंगजेब के समय तलवार की नोक पर हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहे थे, तब सिक्खों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने महाराज राज सिंह, वीर शिवाजी, दुर्गादास राठौड़, छत्रसाल आदि के साथ मिलकर मोर्चा बनाया। तभी गुरु गोबिंद सिंह जी के पुत्र जोरावर सिंह और फतेह सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। तब गुरु गोबिंद सिंह जी के साथ शर्त रखी गई कि यदि वे मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लें तो उनके दोनों पुत्रों को छोड़ दिया जाएगा। लेकिन गुरु गोबिंद सिंह जी ने इस्लाम धर्म कबूल करने से इंकार कर दिया। इसका नतीजा यह निकला कि 6 वर्षीय जोरावर सिंह और 9 वर्षीय फतेह सिंह को जिंदा दीवार में चिनवा दिया गया। कल्पना की जा सकती है कि उस समय दोनों बालकों की स्थिति कैसी रही होगी तथा गुरु गोबिंद सिंह पर क्या बीत रही होगी। दोनों बालकों ने अपने धर्म के खातिर हंसते हंसते मौत को गले लगा लिया। यूं तो देश में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन 14 नवंबर को बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली के करोल बाग निवासी संदीप कुमार राना और उनके साथी यह मांग कर रहे थे कि 26 दिसंबर 1705 को जब जोरावर सिंह और फतेह सिंह को जिंदा दीवार में चुनवाया गया, उस दिन को वीर बाल दिवस घोषित किया जाए। अपनी इस मांग को लेकर राना ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी भिजवाए। लेकिन अब राना और उनके साथियों को संतोष है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित कर दिया है। राना ने कहा कि यह सिक्खों की वीरता की परंपरा को सम्मान देने वाली बात है। इससे युवा पीढ़ी को वीरता की प्रेरणा भी मिलेगी। राना का कहना है कि सिक्ख समुदाय ने हमेशा ही सनातन धर्म की रक्षा की है। सनातन धर्म को बचाने और संरक्षण देने में सिक्ख समुदाय की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब बालक जोरावर सिंह और फतेह सिंह की वीरता के बारे में लोग और अधिक जानकारी प्राप्त करेंगे। राना और उनके साथियों ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस की घोषणा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के लिए देश भर में जो अभियान चलाया गया, उसकी और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 8938805409 पर संदीप कुमार राना से ली जा सकती है।
राजस्थान में भी बने पैनोरमा:
भाजपा शासन में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे ओंकार सिंह लखावत ने बताया कि सिक्ख परंपरा के अनुरूप जयपुर के नरेना और गंगानगर के श्री राम सिंह नगर में भी दो पैनोरमा बनाए गए हैं। लखावत ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पहल पर ऐसे पैनोरमा बनाए जिसमें सिक्खों की वीरता दर्शायी गई है। उन्होंने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी तो स्वयं नरेना आए थे। इसलिए सिक्ख समुदाय के लिए नरेला बहुत पवित्र स्थल है। लखावत ने कहा कि सिक्ख पंथ की स्थापना भारत की सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए ही हुई थी।

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