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श्री पीयूष गोयल ने स्टार्टअप्स से ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत छोटे-उद्यमियों की सहायता करने, अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए तकनीक का लाभ उठाने और किसानों, बुनकरों व कारीगरों आदि को अपने उत्पादों को बेचने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वाहन किया

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय व वस्त्र मंत्री श्री पीयूष गोयल ने स्टार्ट- अप्स से ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत छोटे-उद्यमियों की सहायता करने, अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए तकनीक का लाभ उठाने और किसानों, बुनकरों व कारीगरों आदि को अपने उत्पादों को बेचने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वाहन किया।

उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 16वें भारत डिजिटल सम्मेलन, 2022 को संबोधित किया। मंत्री ने कहा, “स्टार्टअप्स भारत को एक संयोजन करने वाली अर्थव्यवस्था से एक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में रुपांतरित करने में सहायता करेगा, विशेष रूप से डिजिटल विश्व में। इस डिजिटल युग में प्रौद्योगिकी ने सीमाओं और बाधाओं को हटा दिया है और उद्यमों की सीमाओं को हमारे मस्तिष्क से निकाल दियाहै।”
 

पिछले वर्ष के दौरान भारत विश्व के पसंदीदा स्टार्टअप्स गंतव्य के रूप में सामने आने का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने कहा कि हमारे स्टार्टअप्स बदलाव के प्रतिनिधि होने के साथ-साथ भारत को आत्मनिर्भर बनाने के आधार हैं।

श्री गोयल ने कहा, “स्टार्टअप इंडिया मिशन के 6 साल हो गए हैं। छह वर्षों में हमने पहले ही 82 यूनिकॉर्न का उत्पादन किया है, जो डीपीआईआईटी में पंजीकृत 60,000 से अधिक स्टार्टअप के साथ विश्व की तीसरी सबसे बड़ी यूनिकॉर्न है और पूरे विश्व में हमारे कुशल लोगों की बढ़ती पहचान के साथ, पूरे विश्व से निवेशकों की एक बड़ी संख्या यहां आने व इस क्रांति में, जो हम इस स्टार्टअप इकोसिस्टम में देख रहे हैं, हिस्सा लेने के लिए इच्छुक है।” उन्होंने आगे बताया, “2018-21 से यानी केवल तीन वर्षों में हमारे स्टार्टअप ने 6 लाख से अधिक नौकरियां पैदा कीं। वहीं, केवल पिछले वर्षों में 2 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर उत्पन्न हुए हैं।”

इसका उल्लेख करते हुए कि सरकार केवल एक सूत्रधार के रूप में कार्य कर रही है, श्री गोयल ने कहा कि हम अभी 3 ई पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं यानी –ईज ऑफ लिविंग (जीवन जीने में सुगमता), ईज ऑफ सर्विस (सेवा में सुगमता) और ईज ऑफ स्किलिंग, रि- स्किलिंग व अप-स्किलिंग (कुशलता, पुर्नकुशलता व अतिरिक्त कुशलता में सुगमता)। मंत्री ने स्टार्टअप्स की उन्नति करने के ‘लीप’ यानी “लीवरेज (लाभ प्राप्त करना), इनकरेज (प्रोत्साहन देना), एक्सेस (पहुंच देना) व प्रमोट (बढ़ावा देना)” का अनावरण किया। उन्होंने आगे कहा कि हमेशा सुधार की संभावना रहती है और सबके प्रयास से हम अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत कर सकते हैं।

श्री गोयल ने कहा कि 15 जनवरी को स्टार्टअप्स के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत हमारे नवप्रवर्तकों के साहस को काफी बढ़ाने का काम करेगी।

उन्होंने कहा, “इस हफ्ते आजादी का अमृत महोत्सव के तहत पहला स्टार्टअप भारत नवाचार सप्ताह मनाया जा रहा है। इसमें विश्व के सामने हमारे स्टार्टअप्स का प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव बढ़ाने के लिए कई पिचिंग सेशन आयोजित किए जा रहे हैं। संपूर्ण सरकार की सोच के साथ, इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के 30 विभागों के सहयोग से किया गया है और इसमें 1,00,000 से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया है।”

डिजिटल सम्मेलन के एक और सफल संस्करण की व्यवस्था के लिए इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) को बधाई देते हुए मंत्री ने संतुष्टि के साथ इसका उल्लेख किया कि अपने 16वें संस्करण में भारत डिजिटल सम्मेलन भारत में डिजिटल उद्योग का सबसे पुराना आयोजन है।

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एमजी/एएम/एचकेपी

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