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प्रधानमंत्री का कनाडा के ओंटारियो में सनातन मंदिर सांस्कृतिक केंद्र को संबोधन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कनाडा के ओंटारियो के पास सनातन मंदिर सांस्कृतिक केंद्र (एसएमसीसी), मार्खम में सरदार पटेल की मूर्ति के अनावरण के अवसर पर इस केंद्र को संबोधित किया।

शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव और गुजरात दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कनाडा की अपनी यात्राओं के दौरान उन्होंने सनातन मंदिर सांस्कृतिक केंद्र के सकारात्मक प्रभाव को महसूस किया है। उन्होंने विशेष रूप से अपनी 2015 की यात्रा के दौरान भारतीय मूल के लोगों के स्नेह और प्यार को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “सनातन मंदिर में सरदार पटेल की यह मूर्ति न केवल हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करेगी बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों का प्रतीक भी बनेगी।”

प्रवासी भारतीयों में भारतीय लोकाचार और मूल्यों की गहराई पर विस्तार से बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोग चाहे दुनिया में कहीं भी कई पीढ़ियों से रह हैं, लेकिन उनकी भारतीयता और भारत के प्रति वफादारी कभी कम नहीं होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय अपने देश के लिए पूर्ण समर्पण और निष्ठापूर्वक काम करते हैं और अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और कर्तव्य की भावना को अपने साथ संजो कर रखते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि “भारत न केवल एक राष्ट्र है, बल्कि एक विचार भी है, यह एक संस्कृति भी है। भारत वह उच्च स्तरीय विचार है- जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की बात करता है। भारत दूसरों के नुकसान की कीमत पर अपने उत्थान का सपना नहीं देखता है।”

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प्रधानमंत्री ने कहा कि कनाडा या किसी अन्य देश का सनातन मंदिर उस देश के मूल्यों को भी समृद्ध करता है। जब कनाडा में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाता है, तो यह साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्सव होता है। उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि भारत की आजादी का अमृत महोत्सव का आयोजन कनाडा के लोगों को भारत को और करीब से समझने का मौका देगा।”

उस स्थान पर सरदार पटेल की मूर्ति को नए भारत की एक व्यापक तस्वीर बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था जो आधुनिक और प्रगतिशील हो और साथ ही, इसकी सोच, दर्शन और इसकी जड़ों से गहराई से जुड़ा हो। प्रधानमंत्री ने कहा, इसीलिए नव स्वतंत्र भारत में, सरदार पटेल ने हजारों वर्षों की विरासत का उत्सव मनाने के लिए सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार किया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “आज आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान हम सरदार पटेल के सपनों का नया भारत बनाने के संकल्प के प्रति खुद को फिर से समर्पित कर रहे हैं और ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ इसमें एक प्रमुख प्रेरणा है।” सनातन मंदिर सांस्कृतिक केंद्र में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की प्रतिकृति का अर्थ है कि भारत के अमृत संकल्प भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये संकल्प विश्व स्तर पर दुनिया को जोड़ने का काम कर रहे हैं।

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प्रधानमंत्री ने अमृत संकल्पों के वैश्विक आयाम को दोहराते हुए कहा कि जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, तो हम दुनिया की प्रगति की नई संभावनाओं को खोलने की बात करते हैं। इसी प्रकार योग के प्रचार-प्रसार में सभी के रोगमुक्त होने का भाव निहित है। सतत विकास और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों में भारत पूरी मानवता का प्रतिनिधित्व कर रहा है। अंत में, प्रधानमंत्री ने इस संदेश को आगे ले जाने में भारतीय समुदाय की बढ़ी हुई भूमिका का आह्वान करते हुए जोर देकर कहा, “हमारी मेहनत सिर्फ हमारे लिए नहीं है। संपूर्ण मानवता का कल्याण भारत की प्रगति से जुड़ा हुआ है।”

My remarks at a programme being organised by Sanatan Mandir Cultural Centre in Canada. https://t.co/KcJiIfgW46

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एमजी/एएम/एसकेएस

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