भारतीय नौसेना की नियोजन संस्था और एलएंडटी ने नौसेना के पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के अवसरों का पता लगाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारतीय नौसेना की नियोजन संस्था (आईएनपीए) और एलएंडटी की जहाज निर्माण शाखा एलएंडटी शिपबिल्डिंग (एलटीएसबी) ने आज एलटीएसबी में नौसेना के पूर्व सैनिकों की भर्ती के अवसरों का पता लगाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। भारतीय नौसेना के कार्मिक सेवा नियंत्रक वाईस एडमिरल सूरज बेरी और एलएंडटी जहाज निर्माण व्यवसाय प्रमुख श्री अशोक कुमार खेतान ने भारतीय नौसेना तथा एलएंडटी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

समझौता ज्ञापन के माध्यम से आईएनपीए एलएंडटी के भर्ती मानकों के अनुसार प्रासंगिक भूमिकाओं के लिए भूतपूर्व तकनीकी सैनिकों के एक पूल की पहचान करेगा। एलएंडटी कंपनी बदले में इन पूर्व सैनिकों को इन-हाउस समावेशी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्य करने हेतु सक्षम बनाएगी।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए पूर्णकालिक निदेशक (रक्षा एवं स्मार्ट टेक्नोलॉजीज) और एलएंडटी बोर्ड के सदस्य श्री जयंत डी पाटिल ने कहा कि अस्सी के दशक के मध्य से हम नौसेना स्वदेशीकरण योजनाओं के विश्वसनीय भागीदार रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहभागिता से हथियार प्रणालियों, इंजीनियरिंग उपकरण और तकनीकी, आईपीएमएस, आईबीएस, एपीएमएस आदि जैसी नियंत्रण प्रणालियों की श्रृंखला तथा लाइफ सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सिस्टम का एक पिटारा डिजाइन व विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमें आईएनपीए के साथ इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके और नौसेना के साथ अपनी साझेदारी को औपचारिक रूप प्रदान करते हुए खुशी हो रही है। यह एलएंडटी में नौसेना के कुछ सबसे अनुभवी पूर्व कर्मियों की भर्ती को आसान और सुविधाजनक बनाएगा तथा एलएंडटी को पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों के माध्यम से नौसेना की ज्यादा बेहतर सेवा करने में सक्षम बनाएगा।

यह भी पढ़ें :   कोविड-19 टीकाकरण अपडेट- 449वां दिन

इस ज्ञापन का उद्देश्य एलएंडटी द्वारा इसकी विविधतापूर्ण समावेशी पहल के तहत तकनीकी पृष्ठभूमि वाले पूर्व सैनिकों को उनकी सेवा अवधि के दौरान हासिल की गई योग्यता, अनुभव और विशेषताओं के अनुरूप अवसर प्रदान करना है। नए विचारों के नवाचार एवं विकास के लिए अनुभवों, दृष्टिकोणों और पृष्ठभूमि का यह विविध सेट बहुत ही महत्वपूर्ण है। एलटीएसबी की यह पहल विविधता और समावेशन को अपने सभी कार्यक्षेत्रों में गहराई तक ले जाने की अनुमति देने के लिए कंपनी द्वारा नए आयाम देने की दृष्टि से उपजी है।

यह भी पढ़ें :   चालू वित्त वर्ष में गेहूं के निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि के बीच, एपीडा ने भारत के गेहूं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक बैठक का आयोजन किया

अपनी समापन टिप्पणी में वाइस एडमिरल सूरज बेरी ने कहा कि “आईएनपीए भूतपूर्व सैनिकों को उनकी सेवा के बाद रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का प्रयास कॉर्पोरेट क्षेत्र के साथ काम करना था, ताकि ऐसे कार्यक्रमों की पहचान और विकास किया जा सके, जो अनुभवी पूर्व कर्मियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान करने तथा सभी क्षेत्रों में सही मायने में आत्मनिर्भर होने में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हम इस पहल पर एलटीएसबी के साथ काम करने को लेकर आशान्वित हैं।

 

एमजी/एएम/एनके/वाईबी

यह भी देखें :   Gangapur City : बिना परमिशन के टावर लगाने पर लोगो ने किया विरोध | G News Portal

अपना सहयोग अवश्य दें।

हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है, अपना छोटा सा सहयोग देकर हमें आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करें।

क्लिक करें