प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) डैशबोर्ड का शुभारंभ

देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने की दृष्टि से डिजिटल इंडिया भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है। कई सरकारी मंत्रालयों और विभागों को ऐसे ‘सुशासन’ की संस्कृति के निर्माण के उद्देश्य से शामिल किया गया है जो साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने के आधार पर कार्य करता है। यह प्रौद्योगिकी को सशक्त बनाने के साधन के रूप में होने के साथ ही एक उपकरण के रूप में प्रधानमंत्री की उस परिकल्पना के अनुरूप है जो आशा और अवसर के बीच की दूरी को पाटती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला ने 7 जून 2022 को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बाल्यान, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री, श्री जे.एन. स्वैन, सचिव, मत्स्य विभाग, श्री अतुल चतुर्वेदी, सचिव, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, डॉ जे. बालाजी, संयुक्त सचिव (समुद्री मत्स्य पालन), श्री सागर मेहरा, संयुक्त सचिव (अंतर्देशीय मत्स्य पालन) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) योजना मई 2020 में मछुआरों, मत्स्य पालकों  और अन्य हितधारकों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करते हुए मत्स्य पालन क्षेत्र के केंद्रित और समग्र विकास के लिए 20,050 करोड़ रुपये रुपये के उच्चतम निवेश के साथ शुरू की गई थी। पीएमएसवाई के तहत अब तक कुल 7242.90 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2020-22 के दौरान) का परियोजना निवेश किया गया है। कई स्थानों और घटकों के साथ पीएमएमएसवाई योजना के विशाल दायरे को ध्यान में रखते हुए और डिजिटलीकरण की ओर बढ़ने के लिए, एक मंच पर सूचना एकत्र करने के लिए एक प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) का प्रावधान रखना अनिवार्य है। पीएमएमएसवाई एमआईएस डैशबोर्ड का उद्देश्य (i) पीएमएमएसवाई योजना की गतिविधियों की प्रभावी निगरानी और सभी भाग लेने वाले राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में उनकी प्रगति (ii) सूचित निर्णय लेने के लिए सूचना का रणनीतिक उपयोग करना है। पीएमएमएसवाई एमआईएस अनुप्रयोग (एप्लिकेशन) सभी भाग लेने वाले राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से डेटा एकत्र करके उसका विश्लेषण करता है और डेटा को क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि के लिए डैशबोर्ड के रूप में प्रोजेक्ट करता है। राष्ट्रीय और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्तर पर समग्र प्रदर्शन को प्रस्तुत करने के लिए प्रमुख प्रदर्शन मापदंडों का उपयोग किया जाता है और इस प्रकार विशिष्ट उपलब्धियों और आने वाले अंतरालों को उजागर किया जाता है।

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इस रणनीतिक तकनीकी पहल की प्राप्ति के साथ, केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री ने विभाग के अधिकारियों और पीएमएमएसवाई -पीएमसी (परियोजना प्रबंधन सलाहकार) की तकनीकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

चूंकि प्रत्येक भाग लेने वाले राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जिला स्तर पर एमआईएस प्रणाली में डेटा फीड किया जाता है इसलिए यह प्लेटफॉर्म पीएमएमएसवाई योजना की प्रगति का एक सच्चा संकेतक भी है। सूचना का उपयोग आगे समन्वयन, अंतराल विश्लेषण और सुधारात्मक कार्रवाई करने की आवश्यकता के लिए किया जाता है। एमआईएस डैशबोर्ड सुधार के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया में कई अन्य तकनीकी विकास गतिविधियों के साथ ही मत्स्य पालन विभाग और पीएमसी टीम सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को एक ही मंच पर लाने के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता पैदा करने के माध्यम से प्रयास कर रही है।

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एमजी/एमए/एसटी/एसएस  

 

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