आईबीबीआई ने नई दिल्ली में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत “उद्यमिता स्वतंत्रता: प्रवेश, प्रतिस्पर्धा और निकास की स्वतंत्रता” और आईपी कॉनक्लेव पर सम्मेलन आयोजित किया

देश भर में फैले 75 स्थानों पर आयोजित समारोहों के उपयुक्त समापन के अवसर पर, भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने एक व्यवसाय के उक्त तीनों चरणों में सुधारों की यात्रा का पता लगाने के लिए आज हैबिटेट सेंटर में एक दिवसीय प्रतिष्ठित कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। कारपोरेट कार्य मंत्रालय में सचिव श्री राजेश वर्मा  और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अध्यक्ष  श्री अशोक कुमार गुप्ता ने विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में भाग लिया। सम्मेलन के बाद आधे दिन का दिवाला पेशेवर सम्मेलन का आयोजन किया गया।

आईबीबीआई अध्यक्ष श्री रवि मित्तल ने स्वागत भाषण दिया। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में समाज के जोखिम से बचने की प्रकृति से लेकर असफलता के कलंक को कम करने तक के विकास पर ध्यान देकर आर्थिक सुधारों की यात्रा पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि पहले लोग मुख्य रूप से रोजगार में स्थिरता की तलाश करते थे लेकिन अब सुधारों के साथ उद्यमिता के प्रति लोगों के दृष्टिकोण में काफी परिवर्तन आया है।

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के सचिव श्री राजेश वर्मा ने आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आईबीबीआई द्वारा शुरू की गई संहिता और पहल से मिली  उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमा पार दिवाला ढांचे सहित भविष्य के सुधारों पर काम चल रहा है और इसे जल्द ही पेश किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट गवर्नेंस और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) की उस भूमिका पर चर्चा की जिसने देश में उद्यमिता को बढ़ावा दिया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार गुप्ता ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दिवाला कानून और प्रतिस्पर्धा कानून के बीच परस्पर अंतर्क्रिया पर बात की। उन्होंने प्रतिस्पर्धा कानून से संबंधित आर्थिक सुधारों और उद्यमिता पर इसके सकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला।

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इसके अलावा राष्ट्रीय कम्पनी विधि न्यायाधिकरण में सदस्य (न्यायिक) श्री धर्मेन्द्र सिंह और एनसीएलटी में ही सदस्य (तकनीकी) श्री अविनाश के श्रीवास्तव ने  आईपी ​​कॉन्क्लेव में प्रतिभागियों को “निर्णायक प्राधिकरण के दृष्टिकोण से दिवाला पेशेवर” विषय पर संबोधित किया। भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान के महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री प्रवीण कुमार ने इन्टरनेट प्रोटोकॉल्स कॉन्क्लेव के दौरान अपने संबोधन में इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल्स की संस्था के विकास में ग्रेजुएट इन्सॉल्वेंसी प्रोग्राम की भूमिका पर चर्चा की।

श्री अनंत बरुआ, पूर्णकालिक सदस्य, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड; श्री अमित प्रधान, काय्कारी निदेशक (ईडी) , आईबीबीआई, और श्री संदीप गर्ग, ईडी, आईबीबीआई; श्री अमरजीत सिंह चंडीओक वरिष्ठ अधिवक्ता; अध्यक्ष, इनसोल इंडिया; श्री शार्दुल श्रॉफ कार्यकारी अध्यक्ष, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी; श्री सतीश कुमार गुप्ता दिवाला पेशेवर; श्री देबज्योति राय चौधरी एमडी और सीईओ, नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विसेज लिमिटेड; श्री कपिल  मंत्री प्रमुख एम एंड ए, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड; और सीएस अलका कपूर, सीओओ आईसीएसआई आईआईपी ने भी इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित किया। श्री संतोष शुक्ला, ईडी, आईबीबीआई और श्री राजेश कुमार गुप्ता, सीजीएम, आईबीबीआई ने उद्घाटन और पहले तकनीकी सत्र के बाद धन्यवाद प्रस्ताव दिया।

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सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान हाल ही में आईबीबीआई और भारतीय प्रबन्धन संस्थान अहमदाबाद द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलन से जारी 26 शोध पत्रों से युक्त “अनुसंधान : एक्सप्लोरिंग न्यू पर्सपेक्टिव्स ऑन इनसॉल्वेंसी” शीर्षक से एक प्रकाशन का विमोचन किया गया। इसके अलावा, आईबीबीआई ने आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में देश भर में 75 जागरूकता कार्यक्रमों के संचालन का समन्वय करने वाले इन्टरनेट प्रोटोकॉल्स को भी सम्मानित किया।

दिवाला पेशेवरों, पंजीकृत मूल्यांकनकर्ताओं, अर्थशास्त्रियों, वित्तीय लेनदारों, सेवा प्रदाताओं, शोधकर्ताओं, छात्रों, पेशेवरों, नियामकों, शिक्षाविदों और सरकारी अधिकारियों सहित देश भर से आईबीसी पारिस्थितिकी तंत्र के बड़ी संख्या में हितधारक व्यक्तिगत और ऑनलाइन दोनों तरीकों से इस सम्मेलन में शामिल हुए।

आज़ादी का अमृत महोत्सव भारत सरकार की एक पहल है जो प्रगतिशील भारत के 75 साल और इसके नागरिकों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास का उत्सव का  आयोजन करने के लिए है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 12 मार्च, 2021 को शुरू किए गए एकेएएम समारोह की शुरुआत के बाद से, आईबीबीआई ने महोत्सव के एक हिस्से के रूप में बड़ी संख्या में गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया है ।

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एमजी/एमए/एसटी

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