एपीडा ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के खुबानी और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लेह में अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन किया

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के दृष्टिकोण को साकार करने के उद्देश्य से, ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर देने के साथ, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सहयोग से आज एक कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता बैठक (आईबीएसएम) का आयोजन किया।

आईबीएसएम का उद्देश्य लद्दाख से खुबानी और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है।

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के अठारह उद्यमियों ने खुबानी और अन्य कृषि उत्पादों की बड़ी रेंज प्रदर्शित की। इस आयोजन में भारत, अमेरिका, बांग्लादेश, ओमान और दुबई के 20 खरीदारों ने भाग लिया।

लद्दाख खुबानी और अन्य कृषि उत्पादों के 30 से अधिक उत्पादकों और केंद्र शासित प्रदेशों लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के हितधारकों ने आयातकों और निर्यातकों के साथ बातचीत में भाग लिया, जो लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के उत्पादकों, उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बी 2 बी पर बातचीत की सुविधा प्रदान करने के लिए मंच प्रदान करते हैं।

लेह लद्दाख बड़ी संख्या में खुबानी और अन्य कृषि उत्पादों के उत्पादन के लिए अनुकूल जलवायु परिस्थितियों से संपन्न है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के किसानों और उद्यमियों को खास तापमान पर तैयार होने वाले फलों जैसे खुबानी, अखरोट और सेब आदि के विशिष्ट संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के अवसरों के लिए एक्सपोजर की आवश्यकता है।

आईबीएसएम ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के उत्पादकों और प्रोसेसर को निर्यात के साथ-साथ उनकी थोक और खुदरा बिक्री को बढ़ावा देने के लिए अपने उत्पादों को दिखाने का अवसर प्रदान किया।

श्री राधा कृष्ण माथुर, माननीय उपराज्यपाल, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने श्री जमयांग सेरिंग नामग्याल, माननीय सांसद, लद्दाख, डॉ एम अंगमुथु, अध्यक्ष एपीडा, श्री रविंदर कुमार , सचिव, कृषि, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, श्री सौगत बिस्वास, सचिव, उद्योग और वाणिज्य, लद्दाख संघ शासित प्रदेश, डॉ तरुण बजाज, निदेशक, एपीडा, श्री मूसा कुंजांग, निदेशक, उद्योग और वाणिज्य, लद्दाख संघ शासित प्रदेश और एपीडा और लद्दाख क्षेत्र संघ के अधिकारियों की उपस्थिति में आईबीएसएम का उद्घाटन किया।

एपीडा, हिमालयी क्षेत्र से निर्यात को बढ़ावा देने की अपनी पहल के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कृषि उत्पाद निर्यात की अपनी क्षमता का दोहन करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। खरीदारों के लिए उत्पादक समूह और प्रोसेसर से सीधे उत्पाद प्राप्त करने के लिए एक मंच बनाया जाएगा।

इस आयोजन का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के उत्पादकों और प्रोसेसर्स को देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ विदेशों के खरीदारों को जोड़ना है। इससे इस क्षेत्र से निर्यात का आधार व्यापक बनेगा जो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू और कश्मीर में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में मदद करेगा और अंतत: इससे लोगों की आजीविका में सुधार होगा।

एपीडा निर्यातकों की भागीदारी के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों का आयोजन करता है और निर्यातकों को वैश्विक बाजार में अपने खाद्य उत्पादों की मार्केटिंग के लिए एक मंच प्रदान करता है। आहार, ऑर्गेनिक वर्ल्ड कांग्रेस, बायोफैच इंडिया आदि  राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी एपीडा को प्राथमिकता दी गई थी ताकि इन क्षेत्रों से कृषि उत्पाद निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।

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परिणामस्वरूप केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के निर्यातकों और उद्यमियों ने हाल के दिनों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया है।

जम्मू और श्रीनगर डिवीजनों में कृषि निदेशालय के परिसर के भीतर एपीडा कार्यालय स्थित हैं जो जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के लेह में उद्योग और वाणिज्य निदेशालय के भीतर संबंधित क्षेत्रों से व्यवसाय विकास प्रबंधकों की भर्ती करते हैं ताकि हितधारकों को दैनिक आधार पर सुचारू सुविधा सुनिश्चित हो सके।

साथ ही 2021 के दौरान अंतर्राष्ट्रीय खाद्य व्यापार से संबंधित पहलुओं पर हितधारकों को जोड़ने वाले कृषि निदेशालय, बागवानी निदेशालय, बागवानी योजना निदेशालय, जेकेएचपीएमसी, एफपीओ, सहकारिता, निर्यातकों और स्टार्टअप उद्यमियों के अधिकारियों को साथ लाया गया है।

2021 के दौरान राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) और आईएसओ-17065 के तहत बीज प्रमाणन, कृषि, बागवानी, पशुपालन निदेशालय, शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय या जैविक प्रमाणन एजेंसी में उनके कन्वर्जेंस के लिए अधिकारियों को जागरूक करने का आयोजन भी किया गया।

महामारी की स्थिति और यात्रा प्रतिबंधों के बावजूद, भौगोलिक संकेत (जीआई) प्रमाणित उत्पाद जैसे कश्मीर केसर श्रीनगर से लुलु एफएमसीजी दुबई और अन्य मध्य पूर्वी बाजारों में 2021 के दौरान निर्यात किया गया था। फोकस यह सुनिश्चित करने पर था कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जम्मू और कश्मीर के जीआई उत्पाद उपलब्ध हों और साथ ही यहां से उत्पादकों को वैश्विक बाजार से लाभकारी कीमतों का भी अंदाजा हो।

एपीडा ने क्षेत्र से संभावित उत्पादों को बढ़ावा देने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता और प्रचार गतिविधियों जैसे सहयोग के पारस्परिक क्षेत्रों पर शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

पहली बार 2021 के दौरान भारतीय चेरी के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार बनाने के लिए चेरी की मिश्री वैराइटी की शिपमेंट जम्मू और कश्मीर से दुबई के लिए भेजी गई थी। शिपमेंट को जम्मू और कश्मीर के स्थानीय उद्यमियों द्वारा मुंबई से स्थापित निर्यातक की मदद से दुबई में समकक्ष के साथ संभाला गया था।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के खुशबूदार चावल मुशकबुदजी और बबूल शहद की शिपमेंट 2021 में स्टार्टअप्स/ नए उद्यमियों द्वारा लुलु ग्रुप दुबई, ओमान और अन्य मध्य पूर्वी बाजारों में निर्यात किया गया है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से सेब की शिपमेंट 2021 के दौरान स्टार्टअप/नए उद्यमी द्वारा ओमान, कतर, दुबई और अन्य मध्य पूर्वी बाजारों में किया गया।

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के हितधारक व्यावसायिक पूछताछ के लिए एपीडा और अन्य विभागों द्वारा आयोजित वर्चुअल और भौतिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय खरीदार-विक्रेता बैठकों में नियमित रूप से भाग ले रहे हैं।

लद्दाख खुबानी की शिपमेंट पहली बार लेह से दुबई के लिए भेजी गई थई, इसके बाद लद्दाख हलमन खुबानी की कमर्शियल शिपमेंट ने अगस्त-सितंबर 2021 के महीने के दौरान भारतीय खुबानी के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय बाजार बनाया।

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लद्दाख खुबानी के स्वाद, बनावट और सुगंध को ध्यान में रखते हुए, उत्पाद के लिए विदेशी बाजार से नियमित रूप से ऑर्डर प्राप्त हुए। शिपमेंट को कारगिल के स्थानीय उद्यमियों ने मुंबई से स्थापित निर्यातक के साथ दुबई में अपने समकक्ष के साथ हैंडल किया था।

एपीडा ने स्टार्टअप कंपनी द्वारा कारगिल से सिंगापुर को सोलर ड्राई खुबानी के निर्यात की सुविधा प्रदान की, ताकि निर्यात श्रृंखला स्थापित करने के लिए लद्दाख उत्पादों से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रवेश किया जा सके।

एपीडा नियमित रूप से लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों के स्टार्टअप और उद्यमियों को इन क्षेत्रों के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिजिकल और वर्चुअल आयोजनों में जुटा रहा है।

 एपीडा अध्यक्ष की लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों की पिछली यात्रा के साथ-साथ माननीय उपराज्यपाल के साथ फरवरी 2022 के दौरान लद्दाख से खुबानी, जैविक उत्पादों और समुद्री हिरन का सींग उत्पादों जैसे पहचाने गए उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की संभावनाओं का पता लगाने के बाद अब एपीडा इस अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता बैठक का आयोजन कर रहा है. एपीडा इस आयोजन से इस क्षेत्र से निर्यात बढ़ाने के लिए दुनिया भर के हितधारकों को जुटा रहा है।

लद्दाख से माननीय सांसद नामग्याल ने अपने संबोधन के दौरान उल्लेख किया कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने मिशन ऑर्गेनिक के साथ आगे बढ़कर पहला चरण पूरा कर लिया है, जिससे तहत 34 गांवों को प्रमाणित किया गया है। ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन के कदम के साथ, लद्दाख के उत्पादों को उच्च कीमत मिलेगी जिससे उत्पादकों और निर्यातकों को हाई रिटर्न मिलेगा।

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री राधा कृष्ण माथुर ने अपने संबोधन के दौरान क्षेत्र से नुब्रा वैली ब्लैक बेरी जैसे अधिक से अधिक बागवानी और कृषि उत्पादों को जोड़ने पर जोर दिया। उत्पादकों और निर्यातकों को उच्च रिटर्न के लिए क्षेत्र से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उत्पादों की मात्रा बढ़ाने के लिए फसल से पहले और बाद की सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने पर भी उपराज्यपाल ने जोर दिया। 

लद्दाख और जम्मू और कश्मीर के खास उत्पादों के निर्यात की सुविधा के साथ-साथ इस क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों को जुटाने के लिए एपीडा के प्रयासों की सराहना की गई क्योंकि यह निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में अपनी तरह का पहला आयोजन था। एफपीओ, उत्पादकों, सहकारी समितियों, निर्यातकों और आयातकों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है जो क्षेत्र से व्यापार में वार्ता के अभिसरण को सक्षम करेगा।

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एमजी/एमए/पीके

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