banner

सीपीसीबी ने सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध लागू करने के लिए उपाय किए

व्यापक कार्य योजना के हिस्से के रूप में एसयूपी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के माननीय प्रधानमंत्री की स्पष्ट अपील को पूरा करने के लिए सीपीसीबी ने 30 जून, 2022 तक एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने की भारत की प्रतिबद्धता को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक उपाय किए हैं। सीपीसीबी की बहु-आयामी दृष्टिकोण में जो उपाय शामिल हैं उनमें कच्चे माल की आपूर्ति को कम करना, प्लास्टिक की मांग को कम करने के लिए मांग पक्ष के उपाय, एसयूपी के विकल्पों को बढ़ावा देने के उपायों को सक्षम करना, प्रभावी निगरानी के लिए डिजिटल युक्तियां और जागरूकता पैदा करना तथा निर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य बोर्डों को दिशा निर्देशित करना है।

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (पीडब्ल्यूएम) नियमावली, 2016 के अनुसार, गुटखा, तंबाकू और पान मसाला के भंडारण, पैकिंग या बिक्री के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्लास्टिक सामग्री का उपयोग करने वाले पाउच पर पूर्ण प्रतिबंध है। पीडब्ल्यूएम (संशोधित) नियम, 2021 के अनुसार, पचहत्तर माइक्रोन से कम के वर्जिन या रीसाइकिल्‍ड प्लास्टिक से बने कैरी बैग के निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पर 30 सितंबर, 2021 से प्रतिबंध लगा दिया गया है जबकि पीडब्ल्यूएम नियमावली, 2016 के तहत पहले पचास माइक्रोन की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, 12 अगस्त 2021 की अधिसूचना, 1 जुलाई, 2022 से निम्नलिखित चिन्हित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग को प्रतिबंधित करती है, जिनकी उपयोगिता कम और गंदगी फैलाने की क्षमता अधिक है:

चिन्हित वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं। उदाहरण के लिए, सभी प्रमुख पेट्रोकेमिकल उद्योगों को प्रतिबंधित एसयूपी उत्पादन में लगे उद्योगों को प्लास्टिक के कच्चे माल की आपूर्ति नहीं करने का निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, एसपीसीबी/पीसीसी को प्रतिबंधित एसयूपी उत्पादन में लगे उद्योगों को वायु/जल अधिनियम के तहत प्रचालन करने के लिए सहमति को संशोधित/निरस्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सीमा शुल्क प्राधिकरण को प्रतिबंधित एसयूपी वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए कहा गया है। लूप को पूरा करने के लिए, स्थानीय अधिकारियों को इस शर्त के साथ नए वाणिज्यिक लाइसेंस जारी करने का निर्देश दिया जा रहा है कि एसयूपी मद उनके परिसर में नहीं बेचे जाएंगे और मौजूदा वाणिज्यिक लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे, यदि ये निकाय प्रतिबंधित एसयूपी मद बेचते पाए जाते हैं।

यह भी पढ़ें :   बापू की पुण्यतिथि पर राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि

मौजूदा आपूर्ति के विकल्प के रूप में, एसयूपी के विकल्प को बढ़ावा देने के उपायों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। सीपीसीबी पहले ही कम्पोस्टेबल प्लास्टिक के लगभग 200 निर्माताओं को एकमुश्‍त प्रमाण-पत्र जारी कर चुका है। इन प्रमाणपत्रों को नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं है जो सरकार की व्यापार करने में सुगमता की नीति के अनुरूप है। इसके अतिरिक्‍त, इन विनिर्माताओं के प्रमाणीकरण की सुविधा के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है। एमएसएमई की सहायता करने के लिए, सीपीसीबी, सीआईपीईटी के सहयोग से, एसयूपी के विकल्प हेतु रूपांतरण के लिए देश भर में एमएसएमई के लिए कार्यशालाओं का आयोजन कर रहा है। रांची, गुवाहाटी और मदुरै में ऐसी तीन कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं। आईआईएससी और सिपेट जैसे अग्रणी तकनीकी संस्थानों के सहयोग से पेट्रो आधारित प्लास्टिक के विकल्पों का विकास भी किया जा रहा है।

मांग पक्ष पर, ई-कॉमर्स कंपनियों, प्रमुख एकल उपयोग वाले प्लास्टिक विक्रेताओं/ उपयोगकर्ताओं और प्लास्टिक कच्चे माल के विनिर्माताओं को चिन्हित सिंगल यूज प्लास्टिक मदों को चरणबद्ध तरीके से खत्‍म करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इन प्रयासों में नागरिकों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, एसपीसीबी और स्थानीय निकाय सभी नागरिकों- छात्रों, स्वैच्छिक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय गैर सरकारी संगठनों/सीएसओ, आरडब्ल्यूए, बाजार संघों, कॉरपोरेट संस्थाओं आदि की भागीदारी के साथ व्‍यापक स्‍तर पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इससे पहले, सीपीसीबी ने अपने उत्पाद की पैकेजिंग में प्लास्टिक के उपयोग की जांच के लिए देश भर में गुटखा/पान मसाला निर्माण उद्योगों का औचक निरीक्षण किया था।

एक सक्षमकारी सहायता प्रणाली का निर्माण करने के लिए, सीपीसीबी आयोजित बैठकों द्वारा जारी परामर्शियों को प्रचालनगत करने के लिए राज्य बोर्डों की प्राथमिक सहायता कर रहा है ताकि संबंधित राज्यों में सभी शहरी स्थानीय निकाय उनकी मदद से दिशानिर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। जून 2022 में सभी एसपीसीबी/पीसीसी के अध्यक्षों के साथ एक केंद्रीय कार्यशाला के अतिरिक्‍त एसपीसीबी/पीसीसी के साथ क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।

यह भी पढ़ें :   भारतीय सेना ने भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना संस्थान (बीआईएसएजी-एन) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

अंत में, व्‍यापक स्‍तर पर दक्षता बढ़ाने के लिए कई डिजिटल युक्तियां की गई हैं। नागरिक भागीदारी को सक्षम करने के लिए, पर्यावरण वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा एक एसयूपी लोक शिकायत ऐप लॉन्च किया गया था। इस ऐप में शिकायतों को ट्रैक करने की सुविधा के साथ जियोटैगिंग सुविधाएं हैं। प्रगति और दिन-प्रतिदिन की निगरानी के लिए सीपीसीबी द्वारा जारी व्यापक निर्देशों के अनुपालन में राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक एसयूपी अनुपालन निगरानी पोर्टल बनाया गया।

सीपीसीबी भारत के हरित भविष्य के लिए एसयूपी प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रमुख हितधारकों के सक्रिय सहयोग के माध्यम से अधिसूचित वस्तुओं के एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

नियमित अपडेट के लिए, कृपया सीपीसीबी की आधिकारिक वेबसाइट (cpcb.nic.in) और सोशल मीडिया हैंडल का अनुसरण करें:

Facebook: https://www.facebook.com/CPCBindia/| Twitter: @CPCB_OFFICIAL | Instagram: @cpcb_official

 

01 जुलाई 2022 से प्रतिबंधित सिंगल यूज्ड प्‍लास्टिक आइटम 

1

प्‍लास्टिक स्टिक

a

ईयरबड

b

बैलून

c

कैंडी

d

आइस-क्रीम

2

कटलेरी मद

a

प्‍लेट, कप, ग्‍लास, कांटे, चम्‍मच, चाकू ट्रे,

b

ग्‍लास

c

कांटे

d

चम्‍मच

e

चाकू

f

ट्रे

3

पैकेजिंग/रैपिंग फिल्‍म

a

मिठाई के डिब्‍बे

b

निमंत्रण पत्र

c

सिगरेट के पैकेट

4

अन्‍य मदें

a

पीवीसी बैनर< 100 µm, डैकोरेशन के लिए पोली स्‍टाइरिन

b

डैकोरेशन के लिए पोली स्‍टाइरिन

 

***

एमजी/एमए/एसकेजे/एमबी

 

यह भी देखें :   Live : जनता त्रस्त, जनप्रतिनिधि मस्त – गंगापुर सिटी

अपना सहयोग अवश्य दें।

हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है, अपना छोटा सा सहयोग देकर हमें आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करें।

क्लिक करें