ईएसआईसी की 188वीं बैठक में स्वास्थ्य देखभाल एवं सेवा वितरण तंत्र को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में ईएसआई कॉरपोरेशन ने आज आयोजित ईएसआईसी की 188वीं बैठक में देश भर में स्वास्थ्य देखभाल एवं सेवा वितरण तंत्र को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

ईएसआई स्कीम का कार्यान्वयन वर्ष 2022 की समाप्ति तक पूरे देश में किए जाने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में ईएसआई स्कीम 443 जिलों में पूरी तरह एवं 153 जिलों में आंशिक रूप से कार्यान्वित है जबकि 148 जिले ऐसे हैं जो ईएसआई स्कीम के तहत कवर नहीं किए गए हैं। वर्ष 2022 की समाप्ति तक पूरे देश के आंशिक रूप से कार्यान्वित तथा गैर कार्यान्वित जिलों को पूरी तरह कवर कर लिया जाएगा। आयुष्मान भारत पीएमजेएवाईए के एमआईएमपी और टाई अप अस्पतालों को पैनल में शामिल करके नए डीसीबीओ की स्थापना के माध्यम से चिकित्सा देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

ईएसआई कॉरपोरेशन ने देश भर में 100 बेड वाले 23 नए अस्पतालों की स्थापना करने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र में छह अस्पताल पालघर, सतारा, पेन, जलगांव, चाकन एवं पनवेल में, हरियाणा में चार अस्पताल हिसार, सोनीपत, अंबाला एवं रोहतक, तमिलनाडु (चेंगलपट्टु तथा इरोड में), उत्तर प्रदेश (मुरादाबाद एवं गोरखपुर) तथा कर्नाटक (तुमकुर एवं उडुपी) में दो-दो अस्पताल, आंध्र प्रदेश (नेल्लोर), छत्तीसगढ़ (बिलासपुर), गोवा (मडगांव गोवा), गुजरात (सणद), मध्य प्रदेश (जबलपुर), ओडिशा (झारसुगुडा)  तथा पश्चिम बंगाल (खड़कपुर) में ईएसआईसी द्वारा एक-एक अस्पतालों की स्थापना की जाएगी। इन अस्पतालों के अतिरिक्त, 62 स्थानों पर 5 डॉक्टर की डिस्पेंसरियां भी खोली जाएंगी। महाराष्ट्र में 48 डिस्पेंसरियां, दिल्ली तथा हरियाणा में 2 डिस्पेंसरियां खोली जाएंगी। ये अस्पताल एवं डिस्पेंसरियां बीमित श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को उनके आवास के आसपास के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल सेवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगी तथा ग्राहकों को संतुष्टि भी प्रदान करेंगी।

स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्रों में कुशल श्रमबल की बढ़ती आवश्यकता की पूर्ति के लिए तथा कुशल श्रमबल की मांग एवं आपूर्ति में अंतराल कम करने के लिए ईएसआईसी अपने तीन चिकित्सा महाविद्यालयों – फरीदाबाद, सनथनगर (हैदराबाद) तथा के. के. नगर (चेन्नई) में एक प्रायोगिक परियोजना के रूप में हेल्थ केयर लिंक वर्कर्स के लिए 10 विषयों में सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करेगा।

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ईएसआईसी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराने के लिए नए अस्पतालों की स्थापना करने एवं विद्यामान अस्पतालों का उन्नयन करने के माध्यम से अपने बुनियादी ढांचे को बढ़ा रहा है। चूंकि नए अस्पतालों की स्थापना करने में समय लगता है, ईएसआईसी ने अपनी बैठक में बीमित श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई पैनल में शामिल अस्पतालों के माध्यम से उन सभी क्षेत्रों में, जहां ईएसआई योजना आंशिक रूप से लागू की गई है या लागू की जानी है या जहां ईएसआईसी की वर्तमान स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं सीमित हैं, नकदीरहित चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। 157 जिलों में ईएसआई योजना के लाभार्थी पहले से ही इस गठबंधन व्यवस्था के माध्यम से नकदीरहित चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस निर्णय से लाभार्थियों को शेष जिलों में नकदीरहित चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाने में अत्यधिक सहायता मिलेगी।

केन्द्रीय श्रम मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने बताया कि पिछले आठ महीनों में ईएसआईसी द्वाराविभिन्न पदों की 6400 रिक्तियों के लिए विज्ञापन निकाला गया है। इनमें डॉक्टर/शिक्षण संकाय से जुड़ी 2000 से अधिक रिक्तियां शामिल हैं।

यह निर्णय लिया गया कि सनथनगर, फरीदाबाद और चेन्नई में स्थित तीन ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी तथा न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग स्थापित किए जायेंगे। यह पहला मौका होगा जब ईएसआईसी के स्वामित्व वाले अस्पतालों में ऐसी सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।

सनथनगर, तेलंगाना और राजस्थान के अलवर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दो कैथ लैब स्थापित किए जायेंगे। हाल ही में, हरियाणा के फरीदाबाद में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक कैथ लैब ने काम करना शुरू कर दिया है।

पुणे स्थित मौजूदा 200 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल को 500 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में उन्नत करने का भी निर्णय लिया गया है। इस अस्पताल के उन्नयन से पुणे में सात लाख श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को लाभ होगा।

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इस बैठक में ईएसआईसी ने केरल के एर्नाकुलम में 100 बिस्तरों वाला एक नया ईएसआई अस्पताल स्थापित करने का भी निर्णय लिया। यह अस्पताल ईएसआईसी के मानदंडों के अनुरूप सभी आधुनिक स्वास्थ्य संबंधी देखभाल से जुड़ी सुविधाओं से लैस होगा। इस बहुमंजिले अस्पताल में एर्नाकुलम का उप-क्षेत्रीय कार्यालय भी अवस्थित होगा।

इस बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में बीमित श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों की चिकित्सीय देखभाल संबंधी सेवाओं में सुधार करना भी शामिल है। ईएसआईसी ने भोपाल के सोनागिरी स्थित राज्य सरकार द्वारा संचालित ईएसआईएस अस्पताल को सीधे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में चलाने के लिए उसे अपने हाथ में लेने का निर्णय लिया है। ईएसआईसी ने अब राज्य सरकार में स्पेशलिस्ट / सुपर स्पेशलिस्ट की अनुपलब्धता की खाई को पाटने हेतु ईएसआईएस अस्पतालों के लिए आवश्यक स्पेशलिस्ट / सुपर स्पेशलिस्ट की नियुक्ति करने का भी निर्णय लिया है। इन स्पेशलिस्ट/सुपर स्पेशलिस्ट को नियुक्त करने पर होने वाला पूरा खर्च भी ईएसआईसी द्वारा वहन किया जाएगा। यह कदम ईएसआईएस अस्पतालों में स्पेशलिस्ट/सुपर स्पेशलिस्ट की सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।

केन्द्रीय श्रम मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कल ‘स्वास्थ्य से समृद्धि’ विषय पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसमें श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, अधिक से अधिक श्रमिकों को ईएसआई योजना के दायरे में लाने, सेवाओं के वितरण को उन्नत करने आदि जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

श्री रामेश्वर तेली, श्रम और रोजगार तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री और उपाध्यक्ष, ईएसआईसी, सुश्री डोला सेन, सांसद (राज्यसभा), श्री राम कृपाल यादव, सांसद (लोकसभा), श्री मुखमीत एस. भाटिया, महानिदेशक, ईएसआईसी, श्री आर.के. गुप्ता, संयुक्त सचिव, श्रम और रोजगार मंत्रालय, नियोक्ता संघों और कर्मचारी संघों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों व विभिन्न राज्य सरकारों के श्रम/स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिवों ने भी इस बैठक में भाग लिया।

एमजी/एमए/एसकेजे/आरपी/वाईबी

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