देश के युवाओं को अगले 25 वर्षों, जब भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा, के लिए इसे ‘विश्व गुरु’ बनाने को लेकर एक रोडमैप बनाने के लिए एक महान भूमिका निभानी होगी: डॉ. जितेंद्र सिंह

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में हर क्षेत्र में स्टार्टअप के लिए एक बड़ी क्षमता है। उन्होंने युवाओं, पुरुषों और महिलाओं के जम्मू और कश्मीर में स्टार्टअप साधनों का लाभ उठाने पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने ‘युवाओं के लिए मोदी सरकार के 8 साल’ विषयवस्तु पर जम्मू के पटनीटॉप में एक युवा और एक महिला सम्मेलन को संबोधित किया।

 

 

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए प्रोत्साहन के कारण भारत में स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 300 से बढ़कर 70,000 हो गई है, जो कि जम्मू और कश्मीर के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो विभिन्न स्टार्टअप्स में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि यह 2015 में लाल किले की प्राचीर से “स्टार्टअप इंडिया स्टैंडअप इंडिया” के लिए प्रधानमंत्री के आह्वाहन के साथ शुरू हुआ था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे पता चलता है कि स्टार्ट-अप इकोसिस्टम जम्मू और कश्मीर सहित भारत के भविष्य की अर्थव्यवस्था का निर्धारण करने जा रहा है और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी एक प्रमुख स्तंभ के रूप में कार्य करेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में इस सरकार के ऐतिहासिक निर्णय युवाओं के अनुकूल हैं। इनमें राजपत्रित अधिकारियों से दस्तावेजों के सत्यापन को समाप्त करना, अराजपत्रित पदों के लिए साक्षात्कार की समाप्ति, इस देश के इच्छुक युवाओं के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलना, एकल खिड़की, एकल पोर्टल व एकल परीक्षा प्रणाली, कम्प्यूटरीकृत सीपीग्राम्स पर शिकायत दर्ज करना और तत्काल आरटीआई दाखिल करने के लिए आरटीआई आवेदन आदि शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए ‘सुरक्षा, सुविधा और सम्मान’ इस सरकार का मंत्र रहा है, जो अब इस देश के विकास में अभिन्न हिस्सा हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि हालिया वर्षों में महिलाओं ने इस देश में हर क्षेत्र जैसे कि विज्ञान व प्रौद्योगिकी, लोक सेवा, चिकित्सा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आदि में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

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डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से इस देश के कल्याण के लिए इन 8 वर्षों के दौरान लिया गया सबसे अच्छा निर्णय 1600 पुराने कानूनों को निरस्त करना है, जो इस देश के विकास और युवाओं की प्रगति में बाधक रहे हैं।

 

 

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि एकल परीक्षा प्रणाली के तहत इस वर्ष सामान्य योग्यता परीक्षा (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट- सीईटी) आयोजित की जाएगी, जो इस देश के युवाओं को एक समान अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने आगे कहा कि यह परीक्षा सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में ली जाएगी और हर एक जिले में एक परीक्षा केंद्र होगा, जो इससे पहले नहीं था। डॉ. सिंह ने आगे कहा कि सामान्य योग्यता परीक्षा इस देश की उन महिलाओं के लिए एक वरदान है, जो अब बिना किसी बाधा के इस परीक्षा में शामिल हो सकती हैं, क्योंकि उनके लिए परीक्षा केंद्र बहुत नजदीक होंगे और भाषा उनके लिए कोई बाधा नहीं बनेगी।

डॉ. जितेंद्र ने यह भी बताया कि सीपीग्राम्स के कम्प्यूटरीकरण से शिकायतों के दर्ज होने में बढ़ोतरी हुई है, जो कई गुना बढ़कर 2 लाख प्रति वर्ष से बढ़कर 25 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि यह एक उत्साहजनक प्रवृत्ति है कि लोग अपनी शिकायतों के समय पर निवारण के लिए इस सरकार में विश्वास करते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने जम्मू और कश्मीर में युवाओं के लिए इस सरकार की ओर से की गई विकास संबंधित पहलों का उल्लेख किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सीयूजे में अंतरिक्ष विभाग की स्थापना, कठुआ में औद्योगिक बायोटेक पार्क, कठुआ में बीज प्रसंस्करण संयंत्र, जम्मू में बांस क्लस्टर, लैवेंडर महोत्सव और डेयरी फार्मिंग आदि जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए स्टार्टअप्स, अनुसंधान, स्वयं सहायता समूहों आदि के माध्यम से रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करेंगे।

इसके अलावा डॉ. सिंह ने कहा कि महिलाओं की ओर से हर क्षेत्र में स्टार्टअप के निर्माण के साथ जम्मू और कश्मीर में अब स्टार्टअप संस्कृति विकसित हो रही है, जो अपने आप में एक सकारात्मक बात है और यह अन्य को स्टार्टअप के लिए उत्साहित करेगी।

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केंद्रीय मंत्री ने ‘अग्निपथ’ योजना को एक इस सरकार का एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। डॉ. सिंह ने कहा कि यह योजना उन सभी के लिए रोजगार के द्वार खोलेगी, जो सशस्त्र बलों में काम करने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने बताया कि इसके तहत उन्हें अन्य क्षेत्रों में फिर से नियोजित होने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित व कुशल बनाया जाएगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के आठ वर्षों ने देश में ‘युवा शक्ति’ और ‘नारी शक्ति’ को उनकी आकांक्षाओं, उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्रमुखता देते हुए एक नया प्रकाश और दिशा निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि जन धन, एसबीएम और उज्ज्वला आदि जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से इस देश की महिलाएं अब लाभार्थी बनकर इन योजनाओं का सर्वश्रेष्ठ लाभ उठाकर विभिन्न तरीकों से सशक्त महसूस कर रही हैं।

डॉ. जितेंद्र ने कहा कि अन्य देशों की तुलना में भारत के पास 70 फीसदी जनसंख्या वाला एक बड़ा युवा संसाधन समूह है। उन्होंने कहा कि चूंकि युवा हमेशा से आगे रहे हैं, इसलिए वे “सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण” में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस तरह वे इस देश के कल्याण में एक प्रमुख स्थान प्राप्त कर सकते हैं।

डॉ. सिंह ने इस पर जोर दिया कि इस देश के युवाओं को अगले 25 वर्षों, जब भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा, के लिए इसे ‘विश्व गुरु’ बनाने को लेकर एक रोडमैप बनाने के लिए एक महान भूमिका निभानी होगी।

एमजी/एमए/एचकेपी

 

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