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लॉजिस्टिक्स सेक्टर में परिवर्तन और अभिनवता के प्रति निजी क्षेत्र के योगदानों को रेखांकित करता है भारत का पहला लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता पुरस्कार

केंद्र सरकार ने आज नई दिल्ली में अब तक के पहले राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता पुरस्कार की मेजबानी की। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री श्री सोम प्रकाश शर्मा के साथ 12 श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किये। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता पुरस्कार का उद्देश्य देश के कई लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के कामों को पहचान देना है, जो पूरी नवोन्मेष, विविधता और क्षमता से पूर्ण हैं।

पहली बार शुरू होने वाले पुरस्कारों के लिये 12 श्रेणियों के लिये 169 प्रविष्टियां थीं, जिनके आधार पर उन्हें चिह्नित करने, उनका वर्गीकरण करने और पात्र आवेदकों के चयन में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने वर्ष भर की प्रक्रिया चलाई। इस विषय में अंतिम निर्णय लेने के लिये 18 भिन्न-भिन्न विशेषज्ञों की एक विशेषज्ञ जांच समिति तथा नौ वरिष्ठ विशिष्टजनों के एक राष्ट्रीय निर्णायक मंडल का गठन किया गया था।

इस अवसर पर श्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वह लॉजिस्टिक्स लागत को 12-14 प्रतिशत से कम करके 7-8 प्रतिशत तक लाने के लिये सरकार के साथ काम करे। विकसित देशों में लॉजिस्टिक्स लागत का यही औसत है। श्री गोयल ने कहा कि अवसंरचना खर्च 2.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी तरह गति शक्ति का भी विस्तार किया जा रहा है। इन कदमों से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि उसे सड़कों, राजमार्गों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, बहुउद्देश्यीय टर्मिनलों आदि में निवेश करने का अवसर मिलेगा। श्री गोयल ने कहा कि गति शक्ति से कारगर योजना और क्रियान्वयन में मदद मिलेगी तथा इस तरह यह सुनिश्चित हो जायेगा कि प्रक्रिया की अंतिम स्थिति से जुड़ी कोई अड़चन न आने पाये। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार कंटेनरों और जहाज-निर्माण को प्रोत्साहन देने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।

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श्री गोयल ने कोविड-19 महामारी के दौरान लॉजिस्टिक्स सेक्टर द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर में संचालकों ने हर स्थिति का मुकाबला करने में जिस सक्षम और कारगर आपूर्ति श्रृंखला का विकास किया है, उसने कोविड-19 महामारी की चुनौतियों पर विजय हासिल करने में भारत की बहुत मदद की। पिछले दो वर्षों से अधिक समय के दौरान कारोबार में जो उन्नति देखी गई, उसमें भी लॉजिस्टिक्स सेक्टर ने बहुत मदद की।

श्री गोयल ने उद्योग से आग्रह किया कि वह अधिक पारदर्शी और कारगर बनने के लिये स्टार्ट-अप में संलग्न हो। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के लिये एमएसएमई को लॉजिस्टिक्स सेक्टर की भूमिका को देखते हुये उसके लिये अलग श्रेणी में पुरस्कार शुरू करने चाहिये।

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वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री श्री सोम प्रकाश शर्मा ने कहा कि सस्ती लॉजिस्टिक्स सुविधा उपलब्ध कराना उद्योगों तथा भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये बहुत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में संलग्न मानव संसाधन के कौशल स्तर के उन्नयन और प्रौद्योगिकियों को अपनाना बहुत जरूरी है।

डीपीआईआईटी के सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर की भूमिका के लिये गति शक्ति और आत्मनिर्भर भारत शानदार माध्यम हैं। देश के एमएसएमई और स्टार्ट-अप भारत की आर्थिक महत्त्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिये लॉजिस्टिक्स सेक्टर को महत्त्वपूर्ण बना देते हैं।

लॉजिस्टिक्स ईज़ एक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स (लीड्स) रिपोर्ट राज्य सरकारों के प्रयासों का जायजा लेती है, जो बहुत उल्लेखनीय है। इस रिपोर्ट के अलावा भारत में निजी क्षेत्र में स्थित लॉजिस्टिक्स की उत्कृष्टता को मान्यता देने वाले लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता पुरस्कार भी इस क्षेत्र के विकास को गति देंगे।

राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता पुरस्कार 2021 – विजेताओं की सूचीः

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एमजी/एएम/एकेपी

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