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10 महीने से चल रहे प्राइवेट स्कूलों के फीस विवाद में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई

📔 प्राइवेट स्कूल फीस मामला: 70 लाख पैरेंट्स को सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद, शैक्षणिक सत्र 2020-21 की फीस पर अब आज आ सकता है अंतिम फैसला

10 महीने से चल रहे प्राइवेट स्कूलों के फीस विवाद में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई….

जयपुर।
राजस्थान के करीब 70 लाख छात्रों के पैरेंट्स की नजर सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। 50 हजार निजी स्कूलों के फीस मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी, लेकिन फैसला नहीं आया। इस मामले में कल भी सुनवाई सुनवाई जारी रहेगी। इसमें कल फैसला आने की उम्मीद है। इसमें यह तय होगा कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 के पैरेंट्स को कितनी फीस देनी होगी। हालांकि, इससे पहले भी 8 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश सुनाते हुए पैरेंट्स को 100 फीसदी फीस जमा करने के लिए कहा था।

कोर्ट ने यह आदेश निजी स्कूलों की तरफ से लगाई गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट में होने की वजह से अभी सरकार भी इस मामले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि, फीस का यह मामला सरकार के 9 अप्रैल को निकाले गए आदेश के बाद से ही शुरू हुआ था, जब सरकार ने लॉकडाउन के कारण बंद स्कूलों में फीस वसूली पर 3 माह के लिए रोक लगा दी थी। RTE के तहत निशुल्क पढ़ाई के भी अभी निजी स्कूलों के करीब 800 करोड़ रुपए सरकार पर बकाया हैं। 2020-21 सत्र का तो अभी शुरू नहीं हुआ।

मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?

9 अप्रैल 2020 को आदेश जारी कर शिक्षा विभाग ने 30 जून 2020 तक निजी स्कूलों की फीस वसूली पर रोक लगा दी थी।
30 जून के बाद स्कूल संचालक फीस मांगने लगे। पैरेंट्स जमा नहीं करा रहे थे। ऐसे में विवाद बढ़ता जा रहा था। इसके बाद सरकार ने 7 जुलाई को पैरेंट्स को राहत देते हुए स्कूल खुलने तक फीस वसूली पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ निजी स्कूल संचालक हाईकोर्ट चले गए।
23 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने सरकार को फीस को लेकर एक फार्मूला तय कर पेश करने के निर्देश दिए।
28 अक्टूबर को शिक्षा विभाग ने जितना कोर्स उतनी फीस की तर्ज पर फार्मूला तय कर कोर्ट में पेश किया।
18 दिसंबर को हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि राज्य सरकार के 28 अक्टूबर के आदेश में की गई सिफारिशों के अनुसार फीस वसूल की जा सकेगी। इसके बाद निजी स्कूल संचालक सुप्रीम कोर्ट चले गए।
8 फरवरी सुप्रीम कोर्ट ने 2019-20 के जितनी फीस 100 फीसदी वसूलने के अंतरिम आदेश जारी किए। साथ ही हाईकोर्ट के 18 दिसंबर के आदेश पर भी रोक लगा दी थी।

पैरेंट्स को परेशान नहीं होने देंगे : स्कूल शिक्षा परिवार

स्कूल शिक्षा परिवार अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, हमें वह स्वीकार होगा। क्योंकि पैरेंट्स भी हमारे ही परिवार का हिस्सा हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों पक्षों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय आएगा।

संयुक्त अभिभावक संघ के महामंत्री संजय गोयल ने कहा कि अभिभावक सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। हम अभिभावकों से अधिकार पत्र भरवा रहे हैं। यह अधिकार पत्र सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाएंगे। ताकि न्यायालय तक अभिभावकों की पीड़ा पहुंच सके। अब तक 5 हजार अधिकार पत्र भराए जा चुके हैं।

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