Indian Railways : सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी स्टेशन पर बंद करवाई जा रही हैं स्टालें और ट्रॉलियां, बैठक में वेंडरों ने किया विरोध

Indian Railways : सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी स्टेशन पर बंद करवाई जा रही हैं स्टालें और ट्रॉलियां, बैठक में वेंडरों ने किया विरोध

Indian Railways : सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी स्टेशन पर बंद करवाई जा रही हैं स्टालें और ट्रॉलियां, बैठक में वेंडरों ने किया विरोध

Kota Rail News : रेलवे लाइसेंसधारी खानपान स्टाल एवं ट्रॉली संचालकों तथा वेंडरों की बैठक गुरुवार को स्टेशन रोड स्थित जैन धर्मशाला में आयोजित हुई। बैठक में कई मांगों पर चर्चा के साथ कोटा मंडल की गलत नीतियों का भी जमकर विरोध किया गया। बैठक के बाद वेंडरों ने मंडल रेल प्रबंधक पंकज शर्मा को अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा।
बैठक में दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के स्टे आर्डर के बाद भी अधिकारियों द्वारा पुरानी और लाइसेंसधारी मृत वेंडरों की स्टालें और ट्रॉलियों को जबरन बंद करने का जोरदार विरोध किया गया। वेंडरों ने एक सुर में कहा कि स्टाल और ट्रॉली संचालक के नहीं रहने पर लाइसेंस उनके परिजनों और आश्रितों के नाम किए जाने चाहिए। आगरा सहित मंडलों में ऐसा हो रहा है। लेकिन कोटा मंडल में ही इस नियम की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
इसके अलावा बैठक में वेंडरों ने लाइसेंस फीस भरने के बावजूद भी एरियर वसूलने तथा स्टाल पर वेंडर नहीं होने के बावजूद भी रेलवे द्वारा जबरन इनकी फीस वसूली का
का भी जोरदार विरोध किया गया।
10 साल पुरानी कीमतों पर बेच रहे सामान
इसके अलावा वेंडरों ने बढ़ती महंगाई के मद्देनजर रेलवे से नई रेट लिस्ट भी जारी करने की मांग की है। वेंडरों ने कहा कि रेलवे द्वारा उन्हें अभी भी 2012 की रेट लिस्ट के हिसाब से सामान बेचने को मजबूर किया जा रहा है। इसके अलावा वेंडरों ने मंडल के प्रत्येक स्टेशनों पर कुलियों की तरह विश्राम रूम बनाने की भी मांग की।
बैठक में अखिल भारतीय रेलवे खानपान लाइसेंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष सीताराम शर्मा तथा सदस्य राधा कृष्ण प्रजापति सहित बड़ी मात्रा में पूरे कोटा मंडल के लाइसेंस धारी वेंडर शामिल रहे।

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