Indian Railway : दयोदय का लाखेरी में ठहराव आज से | Railway News

Indian Railways : राज्य पुलिस ने रेलवे पुलिस को ठगा, प्लॉट के नाम साढ़े पांच लाख हड़पे

Indian Railways : राज्य पुलिस ने रेलवे पुलिस को ठगा, प्लॉट के नाम पर डिप्टी के रीडर से हड़पे साढ़े पांच लाख, मामला दर्ज

Rail News :  कोटा में राजस्थान पुलिस द्वारा रेलवे पुलिस (जीआरपी) के साथ ही धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्लॉट दिलाने के नाम पर राज्य पुलिस के दो जवानों ने जीआरपी के एक जवान से साढ़े पांच लाख रुपए हड़प लिए। जीआरपी जवान ने बुधवार को दोनों जवानों के खिलाफ उद्योग नगर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि जीआरपी की पुलिस उप अधीक्षक (डिप्टी) कल्पना सोलंकी के रीडर पद पर तैनात हेड कांस्टेबल सत्यनारायण जाट ने रिपोर्ट दी है कि भीलवाड़ा निवासी पुलिस हैड कांस्टेबल मनोज गुर्जर एवं टोंक निवासी हैड कांस्टेबल नानू जाट तथा भीमगंजमंडी डडवाड़ा निवासी प्रॉपर्टी डीलर अमजद खान ने फोर लेन धाकड़खेड़ी में प्लॉट दिलाने के नाम पर उससे साढ़े पांच लाख रुपए हड़प लिए। नानू फिलहाल कोटा ग्रामीण पुलिस में तथा मनोज सुकेत थाने में तैनात है। बार-बार मांगने के बाद भी इन लोगों द्वारा न तो उसे पैसे लौटाए जा रहे हैं और न ही प्लॉट पर कब्जा दिलाया जा रहा है।
सत्यनारायण का आरोप है कि वह 2013 से अब तक इन लोगों को किश्तों के रूप में साढ़े पांच लाख रुपए दे चुका है। प्लॉट पर कब्जे के नाम पर इन लोगों द्वारा उसे फर्जी फाइलें थमा रखी हैं।
सत्यनारायण ने पुलिस को बताया कि इन लोगों ने रतनलाल नाम के एक व्यक्ति से भी प्लॉट के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपए और हड़प रखे हैं। रतनलाल के पास इनको दिए गए पैसों की रसीदें भी मौजूद हैं। जबकि उसके पास मौजूद रसीदें यह लोग बहाने से उससे ले चुके हैं।
दो और लोगों से की धोखाधड़ी
सत्यनारायण का आरोप है कि इन लोगों ने इसी तरह से उसी के साथ दो और अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी की थी। हालांकि बाद में दबाव बढ़ने पर इन लोगों ने उन दोनों को प्लाटों पर कब्जा दिलवा दिया। नारायण ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्लॉट नहीं मिलने से उसे पिछले 9 साल में करीब 15 लाख रुपए का घाटा हो चुका है।
चेतावनी का भी नहीं असर
उल्लेखनीय है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब शहर पुलिस अधीक्षक ने जमीन धोखाधड़ी के मामलों में शामिल पुलिस वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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