लाखेरी इंद्रगढ़केबीचऔरगंभीरहुएहालातभारीबारिशसेदूसरेदिनभीबहीगिट्टीऔरमिट्टीकईट्रेनोंकामार्गबदलामौकेपरपहुंचेडीआरएम

लाखेरी-इंद्रगढ़ के बीच और गंभीर हुए हालात, भारी बारिश से दूसरे दिन भी बही गिट्टी और मिट्टी, कई ट्रेनों का मार्ग बदला, मौके पर पहुंचे डीआरएम

लाखेरी-इंद्रगढ़ के बीच और गंभीर हुए हालात, भारी बारिश से दूसरे दिन भी बही गिट्टी और मिट्टी, कई ट्रेनों का मार्ग बदला, मौके पर पहुंचे डीआरएम
कोटा। लाखेरी, लबान, आमली, इंद्रगढ़ और कापरेन के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। भारी बारिश के चलते दूसरे दिन बुधवार को भी कई जगह गिट्टी और मिट्टी बह गई। इसके चलते कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया। कई ट्रेनों को घंटों रुक रुक कर चलाया गया। हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंडल रेल प्रबंधक पंकज शर्मा खुद मौके पर जा पहुंचे। ट्रैक दुरुस्त नहीं होने के कारण शर्मा देर रात तक भी कोटा नहीं लौटे थे।
बुधवार को भी पूरे दिन भर रेल पटरियों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चलता रहा। पत्थर, गिट्टी और चुरी डालकर पटरी के किनारों को कटने से रोकने का प्रयास किया जाता रहा। टावर वैगन की मदद से बिजली के खंभों को सीधा किया गया।
देर शाम लाखेरी-लबान के बीच स्थित मेज नदी के दोनों तरफ अप लाइन में आधा किलो मीटर और डाउन लाइन पर करीब एक किलोमीटर पटरी के किनारे की गिट्टी और मिट्टी तेज बारिश में बह गई। लाखेरी यार्ड ने भी यही हालात रहे। यहां पर रात 2 बजे तक भी पटरी मरम्मत का काम चल रहा था। इस काम के गुरुवार को भी चलने की संभावना है।
परिवर्तित मार्ग से चली ट्रेनें
ट्रैक खराब होने से जयपुर-मुंबई (02956) को अजमेर, चित्तौड़गढ़, कोटा होकर चलाया गया।
इसके अलावा देहरादून-कोटा नंदा देवी ट्रेन को सवाई माधोपुर तक ही चलाया गया। वापसी में यह ट्रेन सवाई माधोपुर से ही रवाना की गई।
इसके अलावा बरौनी-बांद्रा (09040) को जयपुर और रतलाम होकर चलाया गया। साथ ही गाजीपुर सिटी-बांद्रा (09042) को भी सवाईमाधोपुर से जयपुर और रतलाम होकर चलाया गया।
इंदौर-जोधपुर (02460) को भी कोटा, चित्तौडगढ़ और अजमेर होकर चलाया गया।
घंटों देरी से चली ट्रेनें
इसके अलावा अन्य ट्रेनों को घंटों रोक-रोक कर चलाया गया। इनमें बिलासपुर-हावड़ा, पटना, गाड़ी संख्या 02998 तथा 09111 शामिल हैं। गाड़ी संख्या 02459 रणथंभौर स्पेशल ट्रेन को 22 किलोमीटर पीछे लेकर चलाया गया। इन दोनों में फंसे यात्री परेशान होते रहे। कई यात्रियों की कोटा में परीक्षा थी। यह यात्री रेलवे से जल्दी पहुंचाने की गुहार करते रहे।

अपना सहयोग अवश्य दें।

हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है, अपना छोटा सा सहयोग देकर हमें आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करें।

क्लिक करें