Indian Railways : दयोदय एक्सप्रेस में लगी आग, बाल-बाल बचे सोए यात्री, डेढ़ घंटा खड़ी रही मोतीपुरा में

Indian Railways : दयोदय एक्सप्रेस में लगी आग, बाल-बाल बचे सोए यात्री, डेढ़ घंटा

खड़ी रही मोतीपुरा में

Kota Rail News : अजमेर-जबलपुर दयोदय एक्सप्रेस में मंगलवार रात अचानक आग लग गई। समय रहते आग का पता चलने पर कोचों में सोए यात्री बाल-बाल बच गए। अन्यथा भीषण हादसा हो सकता था। आग भड़कने पर सोए हुए यात्रियों को भागने का मौका तक नही मिलता। आग के चलते ट्रेन करीब डेढ़ घंटा मोतीपुरा स्टेशन पर खड़ी रही। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
यात्रियों ने बताया कि ट्रेन कोटा से रात करीब 9:40 बजे रवाना हुई थी। कुछ देर बाद सभी यात्री सो गए। रात करीब 11.45 बजे S-6 स्लीपर कोच का एक यात्री बाथरूम जाने के लिए उठा। यात्री को कोच में कुछ धुंआ नजर आया और जलने की बदबू भी आई। आगे जाने पर यात्री को बाथरूम के पास आग की लपटे उठती दिखाई दीं। आग देख कर घबराए यात्री ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद यात्री ने ट्रेन की चैन पुलिंग कर दी। चैन खींचते ही गाड़ी मोतीपुरा स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर पहले खड़ी हो गई।
यात्रियों में मची भगदड़
आग का शोर सुन कर उठे यात्रियों में भगदड़ मच गई। अपनी जान बचाने के लिए यात्रियों में होड़ मच गई। कई यात्री जल्दबाजी में सामान उठाकर ट्रेन से नीचे उतर गए। कई यात्री दूसरे कोचों में भाग खड़े हुए। कुछ ही देर में आग की खबर पूरी ट्रेन में फैल गई। आग की सूचना से यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोग अपनी जान बचाने के उपाय खोजने लगे।
अग्निशमन यंत्र से बुझाई आग
चेन पुलिंग होते ही आरपीएफ स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। आरपीएफ को यहां कोच में आग लगी नजर आई। इस पर आरपीएफ अन्य यात्रियों और ट्रेन स्टाफ के साथ आग बुझाने में जुट गई। ट्रेन में रखें अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाने लगा। कुछ देर मशक्कत के बाद आग को बुझा दिया गया। आग इतनी तेज थी कि इसे बुझाने में 4-5 अग्निशमन यंत्र खर्च हो गए। इस दौरान कर्मचारियों ने मामले से कोटा कंट्रोल रूम को भी अवगत करा दिया।
कोच को हुआ नुकसान
आग से कोच को नुकसान हुआ है। बाथरूम के पास रखा कचरा पात्र, दीवार और छत जल गई। कर्मचारियों की सूचना पर एक दमकल भी मौके पर पहुंच गई थी। लेकिन आग बुझने के कारण दमकल काम नहीं आ सकी। इस आग के चलते ट्रेन करीब 20-25 मिनट मौके पर खड़ी रही। बाद में ट्रेन को मोतीपुरा स्टेशन ले जाया गया।
दूसरे को चो में बिठाया यात्रियों को
मोतीपुरा में ट्रेन करीब एक घंटा खडी रही। सूचना पर यहां बड़ी संख्या में रेलवे स्टाफ पहुंच गया था। तीन फायर बिग्रेड भी स्टेशन पर पहुंच गई थी। यहां पर कोच की पूरी तरह से जांच की गई। आग लगने की सभी संभावनाओं को समाप्त किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को दूसरे कोचों में शिफ्ट किया गया। बाद में पूरी तसल्ली होने पर ट्रेन को जबलपुर की ओर रवाना किया गया।
आग के कारणों का नहीं चला पता
सूत्रों ने बताया कि फिलहाल आग लगने का पता नहीं चला है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
यात्रियों ने बताया कि आग कचरा पात्र से शुरू हुई। कचरा पात्र से आग की लंबी-लंबी लंबी लपटें उठ रही थीं। लपटें इतनी तेज थी कि यह छत पर जा रही थीं। इसके चलते छत का एक हिस्सा भी आग से जल गया।
यात्रियों ने बताया कि संभवत किसी ने सिगरेट या कोई अन्य ज्वलनशील पदार्थ कचरा पात्र में डाल दिया। इसके चलते कचरे में आग लग गई।
आग का गोला बनने से बची ट्रेन
सूत्रों ने बताया कि समय रहते आग का पता चलने से बड़ी घटना टल गई। अन्यथा बड़ी संख्या में यात्री हताहत हो सकते थे। दौड़ती ट्रेन में तेज हवा के साथ आग और तेजी से बढ़ सकती थी। घटना के समय सभी यात्री सोए हुए थे। ऐसे में यात्रियों को आग और धुंए की घुटन से संभवतः बचने का मौका भी नहीं मिलता। पूरी ट्रेन दौड़ता आग का गोला में तब्दील हो सकती थी।

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