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Indian Railways : बीना में कटे दो पॉइंट्समैन, कोटा तक पहुंची जांच

Indian Railways : बीना में कटे दो पॉइंट्समैन, कोटा तक पहुंची जांच

Kota Rail News :  भोपाल मंडल के बीना में गुरुवार रात ट्रेन से कटकर दो पॉइंट्समैनों की मौत हो गई। शुक्रवार को इसकी जांच कोटा तक भी पहुंची। फिलहाल घटना के कारणों का पता नहीं चला है। रेलवे और जीआरपी मामले की जांच कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि बीना के पास रहेटवास स्टेशन पर रात करीब 9 बजे अचानक एक सिग्नल फेल हो गया था। इसके चलते एक मालगाड़ी खड़ी हुई थी। सूचना पर स्टेशन मास्टर ने पॉइंट्समैन जुनेद खान (25) और अनरव लाल (50) को मालगाड़ी रवाना करने के लिए मौके पर भेजा था। दोनों के मौके पर पहुंचने ही सिग्नल ने फिर से काम करना शुरू कर दिया। सिग्नल मिलते ही मालगाड़ी रवाना हो गई। इसके बाद दोनों स्टेशन लौट रहे थे। इसी दौरान पटरी पार करते समय दोनों अचानक जोधपुर-भोपाल ट्रेन की चपेट में आ गए। इस घटना में दोनों मौके पर मौत हो गई। ट्रेन की टक्कर से दोनों के शव क्षत-विक्षत हो गए। शरीर के कटे-फटे अंग दूर-दूर तक बिखर गए।
चालक ने नहीं रोकी ट्रेन
अधिकारियों ने बताया कि इस गंभीर घटना के बाद भी चालक ने ट्रेन रोकना जरूरी नहीं समझा। चालक ट्रेन को आगे दौड़ाता ले गया। हालांकि बाद में चालको ने अपने बयान में बताया है कि दोनों पॉइंट्समैन उन्हें पटरी पर नजर नहीं आए थे। हालांकि इंजन के पीछे वाले कोच में बैठे कुछ यात्रियों ने बताया कि घटनास्थल पर गिट्टियों पर किसी के घसिटने जैसी कुछ अजीब सी आवाजें आई थीं। उन्हें लगा था कि शायद कोई जानवर ट्रेन से कट गया है। अगर कोई आदमी कटता तो ट्रेन रुक जाती।
घंटे भर बाद चला घटना का पता
इधर, काफी देर तक भी दोनों पॉइंट्समैन स्टेशन नहीं पहुंचने पर मास्टर ने दोनों से मोबाइल पर बात करने की कोशिश की। लेकिन दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण मास्टर की बात नहीं हो सकी। इसके चलते मास्टर की चिंता बढ़ गई। लेकिन ड्यूटी पर अकेला होने के कारण मास्टर कहीं जा नहीं सका। बाद में नाइट ड्यूटी पर पहुंचे स्टाफ को स्टेशन मास्टर ने दोनों पॉइंट्समैनों को तलाश करने के लिए भेजा। इसके बाद दोनों के ट्रेन से कटने का पता चला।
इसके बाद मास्टर में तुरंत आरपीएफ, जीआरपी, कंट्रोल रूम और अपने अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।
सुबह 6 बजे उठे शव
सूचना पर अशोकनगर जीआरपी, आरपीएफ और अधिकारी आधी रात को मौके पर पहुंचे। लेकिन कार्रवाई में देरी के चलते जीआरपी ने दोनों के शव शुक्रवार सुबह 6 बजे मौके से उठाकर अस्पताल पहुंचाए।
कोटा में भी हुई जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने रात में ही मामले की जांच के आदेश दे दिए थे।
अधिकारी रात भर मामले की जांच में जुटे रहे। शुक्रवार को यह जांच कोटा भी पहुंची। घटना के बाद भोपाल-जोधपुर ट्रेन तड़के कोटा पहुंची थी। यहां पर इस ट्रेन का इंजन काटा गया था। बाद में दूसरे इंजन से ट्रेन को आगे रवाना किया गया था।
कोटा में अधिकारियों द्वारा इसी इंजन की जांच की गई। अधिकारी इंजन से पॉइंट्समैनों के कटने के सबूत तलाश रहे थे। इंजन की जांच में क्या हासिल हुआ, फिलहाल इसका पता नहीं चला है। अधिकारियों ने बताया कि एक स्पेशल कमेटी द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही घटना के सही कारणों का पता चल सकेगा।
हाल में मिला था जीएम अवार्ड
अधिकारियों ने बताया कि दोनों पॉइंट्समैन कार्य के प्रति निष्ठावान थे। इसमें से दिनेश खान को पिछले हफ्ते ही जीएम अवार्ड मिला था। दिनेश की अभी शादी भी नहीं हुई थी।
संरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के चलते एक बार फिर कर्मचारियों की संरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की संरक्षा के लिए रेलवे पूरी तरह से फेल हो रही है। पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसा एक भी दिन नहीं जाता, जब किसी कर्मचारी की अकाल मौत की सूचना प्राप्त नहीं होती हो।
पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा बरसों से सेफ्टी उपकरणों और जैकेट की मांग की जा रही है। लेकिन आज भी बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी मौजूद हैं, जिनके पास सेफ्टी उपकरण और जैकेट तक नहीं है।

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