Rajasthan Election 2023: राजे मंत्रिमंडल में स्वतंत्र प्रभार की राज्यमंत्री रह चुकी हैं। लगातार पांचवीं बार विधायक चुनी गई।

राजस्थान में भाजपा की 9 महिला विधायकों में वसुंधरा राजे के बाद अजमेर की अनिता भदेल ही सबसे वरिष्ठ विधायक हैं।

राजे मंत्रिमंडल में स्वतंत्र प्रभार की राज्यमंत्री रह चुकी हैं। लगातार पांचवीं बार विधायक चुनी गई।
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राजस्थान में इस बार भाजपा की 9 महिला विधायक चुनी गई है। इनमें से सबसे वरिष्ठ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हैं, लेकिन राजे के बाद सबसे वरिष्ठ विधायक अजमेर दक्षिण सुरक्षित क्षेत्र से चुनी गई अनिता भदेल हैं। राजे 6 बार की विधायक हैं तो अनिता भदेल पांचवीं बार की। यानी राजे के बाद भदेल ही एकमात्र भाजपा विधायक हैं जो लगातार एक ही विधानसभा क्षेत्र से पांच बार चुनाव जीती है। भाजपा की जो अन्य विधायक हैं उनमें सोज से शोभा चौहान, जायल से मंजू बाघमार, लाडपुरा से कल्पना देवी, राजसमंद से दीप्ति किरण माहेश्वरी, जयपुर के विद्याधर नगर से दीया कुमार व बीकानेर से रिद्धि कुमारी दो दो बार तथा कामा से नॉसम चौधरी पहली बार चुनी गई है। अजमेर दक्षिण से चुनी गई श्रीमती अनिता भदेल वर्ष 2013 से 2018 के बीच वसुंधरा राजे मंत्रिमंडल में महिला एवं बाल विकास विभाग की स्वतंत्र प्रभार की मंत्री भी रहीं। मंत्री रहते हुए भदेल ने विभाग में महिलाओं के सामाजिक विकास के लिए अनेक प्रयास किए। इनमें संभाग स्तर पर हाट बाजार प्रमुख रहा। भदेल ने हाट बाजार लगवाकर महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हजारों महिलाओं को अपनी क्षमता सामने लाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं जो उत्पादक तैयार करती हैं उनकी बिक्री हाट बाजार में करवाई गई। उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं को आवास, भोजन और स्थान आदि की सुविधाएं नि:शुल्क दी गई ताकि अधिक मुनाफा कमा सके। तब भदेल के इस नए प्रयोग की प्रशंसा देश भर में हुई। भदेल जिस अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनी जाती हैं, वह वर्ष 2003 से पहले कांग्रेस का परंपरागत गढ़ रहा। आजादी के बाद अधिकांश समय इस क्षेत्र से कांग्रेस के ही विधायक रहे, लेकिन 2003 में अनिता भदेल ने कांग्रेस के इस गढ़ को ध्वस्त कर दिया। 3 दिसंबर को लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज कर भदेल ने दर्शा दिया है कि इस क्षेत्र से भाजपा को हराया नहीं जा सकता। पांच बार के चुनाव में भदेल को हर बार विपरीत हालातों का सामना करना पड़ा। 2018 तक तो कांग्रेस की चुनौतियों का ही सामना किया तो इस बार भदेल को भीतरघात से भी मुकाबला करना पड़ा। जिन भाजपा नेताओं ने अंदर ही अंदर हराने की कोशिश की उन्हें भदेल ने करारा जवाब दिया है। भदेल न केवल चुनाव जीतने का अनुभव रखती हैं, बल्कि विधानसभा में भी अपनी कार्यकुशलता प्रदर्शित करने में पीछे नहीं रहती। कांग्रेस के शासन में अनिता भदेल को विधानसभा में वर्ष 2022 के लिए सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार भी दिया गया। यह पुरस्कार विधानसभा में सवाल पूछने से लेकर बहस में भाग लेने और आचरण के संबंध में भी दिया जाता है। अनुसूचित वर्ग की श्रीमती भदेल ने अपना राजनीतिक जीवन पार्षद बनकर शुरू किया था। इसे भदेल की तकदी ही कहा जाएगा कि पार्षद बनते ही अजमेर नगर परिषद का सभापति बनने का अवसर मिला गया। वर्ष 2003 के विधानसभा का चुनाव भदेल ने सभापति के पद पर रहते हुए ही लड़ा। विधायक बनने के बाद भदेल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज संपूर्ण राजस्थान में एक सफल जनप्रतिनिधि की पहचान बनाई है, प्रदेश के गिने चुने भाजपा नेताओं में भदेल की गिनती हो रही है। भदेल ने पिछले 20 वर्षों में जो राजनीतिक कुशलता दिखाई है, उसी का परिणाम है कि भाजपा की नई सरकार में उनका केबिनेट मंत्री बनना तय माना जा रहा है। श्रीमती भदेल की सफलता के लिए मोबाइल नंबर 9829270288 पर बधाई दी जा सकती है।

Report By S.P.MITTAL