कोटा। रेलवे में बिना किसी ठोस कारण के अलार्म चेन पुलिंग (ACP) करना न केवल ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाता है, बल्कि यह कानूनी रूप से भी एक गंभीर अपराध है। कोटा मंडल में बीते एक साल में इस तरह की लापरवाही के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
कोटा मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अनावश्यक चेन पुलिंग के कुल 1181 मामले दर्ज किए गए। इन घटनाओं के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन समय पर बुरा असर पड़ा। इन सभी मामलों में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए गए।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने इस विषय पर जानकारी देते हुए यात्रियों को सचेत किया है। उन्होंने बताया कि:
रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित और पर्याप्त कारण के ट्रेन की चेन खींचना एक दंडनीय अपराध है।
दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को एक वर्ष तक का कारावास हो सकता है।
इसके अलावा 1000 रुपए का जुर्माना अथवा कारावास और जुर्माना दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आपातकालीन स्थिति (जैसे मेडिकल इमरजेंसी, आग लगना या सुरक्षा का खतरा) में ही चेन पुलिंग का उपयोग करें। छोटी-छोटी वजहों जैसे कि किसी साथी का पीछे छूट जाना या स्टेशन पर उतरने में देरी होने पर चेन खींचना अन्य हजारों यात्रियों की असुविधा का कारण बनता है।
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