कोटा। कोटा-हिसार एक्सप्रेस में ऑन-ड्यूटी शराब के नशे में टीटीई और कोच अटेंडेंट के साथ मारपीट करने वाले जीआरपी जवान वीरेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जीआरपी प्रशासन हरकत में आया है। जीआरपी उपाधीक्षक (DySP) शकील अहमद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कांस्टेबल को तलब किया है।
उपाधीक्षक शकील अहमद ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि शनिवार रात ट्रेन संख्या 19813 के सेकंड एसी कोच में वीरेंद्र सिंह ने न केवल रेल स्टाफ के साथ बदसलूकी की थी, बल्कि टीटीई राजेंद्र मीणा का मोबाइल भी तोड़ दिया था।
इस मामले में शुरुआत से ही जीआरपी और आरपीएफ की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही है। पीड़ित स्टाफ ने कोटा कंट्रोल रूम को समय रहते सूचना दी थी, लेकिन इसके बावजूद सवाई माधोपुर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी जवान को रोकने या टीटीई से मेमो (आधिकारिक शिकायत) लेने तक की जहमत नहीं उठाई। पुलिस की इसी लापरवाही के कारण आरोपी जवान मौके से निकलने में कामयाब रहा था।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो चुका है, जिसमें जवान साफ तौर पर हाथापाई करता नजर आ रहा है। यह वीडियो अब जांच में सबसे बड़ा तकनीकी साक्ष्य (Evidence) माना जा रहा है।
सोमवार को जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, पूरे कोटा रेल मंडल में यह चर्चा का विषय बनी रही। कर्मचारियों और यात्रियों के बीच रेल सुरक्षाकर्मियों के इस तरह के व्यवहार को लेकर काफी रोष देखा गया। 'कोटा रेल न्यूज़' की खबर के बाद हुई इस कार्रवाई से अब पीड़ित स्टाफ को न्याय की उम्मीद जगी है।
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