कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में प्रशासनिक सुस्ती का खामियाजा उन बेरोजगार युवाओं को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने उम्मीद के साथ रेलवे में टिकट बुकिंग एजेंट (STBA) के लिए आवेदन किया था। रेलवे ने पिछले 6 महीनों से 206 असफल आवेदकों की अमानत राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) नहीं लौटाई है, जिसके चलते आवेदक अब अधिकारियों के सामने गुहार लगाने को मजबूर हैं।
गत वर्ष कोटा मंडल के 25 स्टेशनों पर स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट (STBA) की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसमें कुल 231 लोगों ने किस्मत आजमाई थी। चयन प्रक्रिया के बाद 25 आवेदकों को नियुक्त कर लिया गया, जबकि 206 आवेदकों को असफल घोषित कर दिया गया। नियम के अनुसार, असफल आवेदकों द्वारा जमा किया गया 5-5 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट (DD) उन्हें वापस मिल जाना चाहिए था, लेकिन रेलवे ने करीब 10.30 लाख रुपए की यह राशि अब तक नहीं लौटाई है।
दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों का कहना है कि वे पिछले 6 महीनों से डीआरएम (DRM) ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। आवेदकों ने दर्द बयां करते हुए कहा, "रेलवे ने नए सिरे से आवेदन तो मांग लिए, लेकिन हमारा पुराना पैसा दबाकर बैठे हैं। अगर जल्द पैसा नहीं मिला, तो कोटा आने-जाने के किराये में ही 5 हजार रुपए से ज्यादा खर्च हो जाएंगे।"
STBA के लिए दोबारा आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही रेल मंडल में ठग भी सक्रिय हो गए हैं। ये ठग भोले-भाले लोगों को रेलवे में पक्की नौकरी लगाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलने की फिराक में हैं। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
यह कोई स्थायी नौकरी नहीं, बल्कि केवल एजेंट के रूप में कार्य करने का अनुबंध है।
आवेदन संबंधी सभी जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट www.wcr.indianrailways.gov.in पर निःशुल्क उपलब्ध है।
नए सिरे से जारी की गई STBA प्रक्रिया के लिए आवेदन पत्र 18 मई, दोपहर 1:00 बजे तक कार्यालय के ड्रॉप बॉक्स में जमा किए जा सकते हैं।
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