कोटा। रेलवे माल डिब्बा मरम्मत कारखाना (वर्कशॉप) ने एक बार फिर अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया है। रतलाम रेल मंडल में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए कोटा वर्कशॉप में 37 बीटीपीएन (BTPN) टैंकरों को पेयजल परिवहन के लिए तैयार किया जा रहा है। बुधवार से शुरू हुआ यह काम अगले 10 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
जिन टैंकरों को तैयार किया जा रहा है, उनमें अब तक तरल गुड़ (Liquid Jaggery) का परिवहन हो रहा था। इन्हें शुद्ध पेयजल के योग्य बनाने के लिए कड़ी प्रक्रिया अपनाई जा रही है:
स्टीम वॉश (Steam Wash): सबसे पहले तेज भाप (स्टीम) के जरिए टैंकर के अंदर चिपकी गुड़ की मोटी परतों को पिघलाकर साफ किया जाता है।
केमिकल वॉश (Chemical Wash): गुड़ की चिपचिपाहट और बारीक गंदगी को पूरी तरह खत्म करने के लिए विशेष रसायनों से धुलाई की जाती है।
लीकेज व क्वालिटी टेस्ट: सफाई के बाद 24 घंटे तक पानी भरकर लीकेज की जांच होती है और पानी की गुणवत्ता (Water Quality) का परीक्षण किया जाता है।
कोटा वर्कशॉप भारतीय रेलवे का एकमात्र ऐसा केंद्र है जहाँ काला तेल, खाद्य तेल या गुड़ ढोने वाले टैंकरों को अत्याधुनिक 'स्टीम सिस्टम' और 'हाईप्रेशर पंप' के जरिए पीने के पानी के लिए कन्वर्ट किया जाता है।
पाली व लातूर की बुझाई प्यास: राजस्थान के पाली और महाराष्ट्र के लातूर में जब भीषण जल संकट था, तब कोटा से ही तैयार होकर 'वॉटर ट्रेनें' रवाना हुई थीं।
विस्तार: कोटा वर्कशॉप जोधपुर, भीलवाड़ा और अजमेर के लिए भी इसी तरह के वैगन तैयार कर चुका है।
वर्कशॉप ने न केवल पानी के लिए, बल्कि तेल चोरी और आग रोकने के लिए आगरोधी (Fire Resistant) और डिजिटल सेंसर युक्त हाई-सिक्योरिटी वाले बीटीपीएन टैंकर भी विकसित किए हैं।
"पूरे देश में कोटा वर्कशॉप के लिए यह गर्व की बात है कि हम रतलाम मंडल के लिए ये 37 टैंकर तैयार कर रहे हैं। इससे पहले भी हमने विभिन्न राज्यों के लिए सैकड़ों टैंकर तैयार किए हैं।" — सुधीर सरवरिया, मुख्य कारखाना प्रबंधक (CWM)
प्रत्येक टैंकर की क्षमता 55 हजार लीटर है। यानी एक बार में लाखों लीटर पानी रतलाम मंडल की रेलवे कॉलोनियों और स्टेशनों तक पहुँचाया जा सकेगा।
#KotaWorkshop #WaterTrain #RatlamRailway #IndianRailways #WaterCrisis2026 #RailwayTechnology #BTPN #KotaNews #HumanityInAction #WCRUpdate
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.