तो क्या नए मुख्यमंत्री का नाम वसुंधरा राजे को बता दिया गया है?

वसुंधरा के खिलाफ जयपुर के भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस होना बहुत बड़ी घटना है।

बेटा दुष्यंत यदि विधायकों की बाड़ाबंदी करने के लायक हो गया तो यह वसुंधरा राजे के लिए बड़ी उपलब्धि है।

तो क्या नए मुख्यमंत्री का नाम वसुंधरा राजे को बता दिया गया है?
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वर्ष 2013 से 2018 के बीच जब वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री थी, तब जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में वसुंधरा का एक छत्र राज था। भले ही अशोक परनामी अध्यक्ष हो, लेकिन भाजपा संगठन और दफ्तर में वो ही होता था जो वसुंधरा राजे चाहती थी, लेकिन 7 दिसंबर को उसी भाजपा मुख्यालय में वसुंधरा राजे के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। भाजपा की राजनीति में यह बहुत बड़ी घटना है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बारां जिले के किशनगंज क्षेत्र के भाजपा विधायक ललित मीणा के पिता पूर्व विधायक हेमराज मीणा ने की। हेमराज ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम राजे के सांसद बेटे दुष्यंत सिंह ने मेरे बेटे और नवनिर्वाचित विधायक ललित को जयुपर के सीकर रोड स्थित रिसोर्ट में बुलाया और बंधक बना लिया। दुष्यंत सिंह अपनी माताजी वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भाजपा विधायकों को एकत्रित कर रहे हैं। हेमराज का आरोप है कि रिसोर्ट में उनके बेटे के साथ और विधायक भी थे। वसुंधरा राजे के खिलाफ भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस किस तरह आयोजित हुई यह तो प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ही बता सकते हैं, लेकिन यदि सांसद दुष्यंत सिंह भाजपा विधायकों की बाड़ाबंदी कर रहे हैं तो यह वसुंधरा राजे के लिए राजनीतिक उपलब्धि है। अब तक वसुंधरा राजे अकेले ही राजनीतिक संघर्ष करती रही, लेकिन यह पहला अवसर है जब उनके संघर्ष में बेटे दुष्यंत सिंह की भूमिका सामने आई है। 7 दिसंबर की रात को जब दिल्ली में राजे ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की तब भी दुष्यंत सिंह साथ थे। इससे जाहिर है कि राजे की राजनीति में बेटे दुष्यंत सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान झालावाड़ में वसुंधरा राजे ने कहा था कि आज दुष्यंत ने जिस तरह प्रभावी भाषण दिया है, उससे मैं राजनीति से संन्यास ले सकती हंू। दुष्यंत अब मेरी राजनीति विरासत को आगे बढ़ाने में सक्षम हो गए हैं। मेरे लिए यह गर्व की बात है। हालांकि अगले ही दिन वसुंधरा राजे ने राजनीति से संन्यास लेने का खंडन कर दिया।

नाम बताया:
7 दिसंबर को दिन में जयपुर में भाजपा मुख्यालय में वसुंधरा राजे के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो रात को राजे ने पुत्र दुष्यंत के साथ दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से मुलाकात की। जानकार सूत्रों की मानें तो इस मुलाकात में नड्डा ने राजे को राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के नाम की जानकारी दी। राजे से कहा गया कि जब विधायक दल की बैठक हो, तब वे स्वयं नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रखें ताकि भाजपा में एकजुटता नजर आए। सूत्रों के अनुसार नए मुख्यमंत्री के तौर पर केंद्रीय रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव का नाम तय हुआ है। 7 दिसंबर की मुलाकात में वसुंधरा राजे के घर पर एकत्रित हुए भाजपा विधायकों को लेकर भी विमर्श हुआ। राजे का कहना रहा कि विधायकों से यह मुलाकात शिष्टाचार के तौर पर हुई है। इस मुलाकात को विरोध की गतिविधियों के मद्देनजर नहीं देखा जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार भाजपा विधायक दल की बैठक 10 दिसंबर को हो सकती है। इससे पहले बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की घोषणा हो जाएगी।

Report By S.P.MITTAL