दौसा-गंगापुर रेल लाइन पर 2021 मार्च तक दौड़ेगी ट्रेन काम पूरा होने के बाद सीआरएस का पहले रेलवे लाइन का होगा निरीक्षण

दौसा -गंगापुर रेल लाइन पर 2021 मार्च तक दौड़ेगी ट्रेन काम पूरा होने के बाद सीआरएस का पहले रेलवे लाइन का होगा निरीक्षण

 जबलपुर जोन के अपर महाप्रबंधक शौभन चौधरी व कोटा मंडल के डीआरएम पंकज कुमार शर्मा  सहित रेलवे के अन्य अधिकारियों ने किया निरीक्षण- गंगापुर सिटी

सब कुछ उम्मीद के मुताबिक रहा तो आने वाले मार्च 2021 में अब दौसा -गंगापुर सिटी रेलवे ट्रैक दौड़ने का सपना पूरा हो सकता है।  गंगापुर सिटी स्टेशन भी नई ट्रेनें चलने की उम्मीद जगी है। दौसा-गंगापुर सिटी के बीच 93 किमी रेल परियोजना के लिए इस साल 100 करोड़ रुपए मिलने के बाद कार्य की गति तेज चल रही है। इस परियोजना पर 471 करोड रुपए खर्च होंगे।इस योजना के पूरा होने पर गंगापुर सिटी स्टेशन जंक्शन बन जाएगा। हाल ही में जबलपुर जोन के अपर महाप्रबंधक शौभन चौधरी व कोटा मंडल के डीआरएम पंकज कुमार शर्मा सहित रेलवे के अन्य अधिकारियों ने गुरुवार को गंगापुर सिटी का दौरा करने के बाद स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मार्च 2021 तक दौसा -गंगापुर सिटी पर ट्रेन चलाने की संभावना है। इसलिए कार्य को जल्दी से पूरा समय पर करने के निर्देश दिए है।
गंगापुर -दौसा रेलवे प्लेटफॉर्म गंगापुर सिटी का रेलवे स्टेशन ही रहेगा
जबलपुर जोन के अपर महाप्रबंधक शौभन चौधरी ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि नया रेलवे स्टेशन बनाने के लिए रेलवे का करोड़ रुपए खर्च हो जाएगा। इसके बावजूद यात्रियों को सुविधा नहीं मिल सकेगी। उन्होंने गंगापुर सिटी का रेलवे स्टेशन से ही दौसा गंगापुर रेल का संचालन करने के निर्देश दिए। इससे पहले जबलपुर जोन के अपर महाप्रबंधक शौभन चौधरी व डीआरएम सहित अन्य रेलवे के अधिकारियों स्पेशल सैलून से गुरुवार सुबह 11 बजे गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन पर पंहुचे।और बाद में उन्होंने दौसा -गंगापुर रेलवे लाइन का निरीक्षण किया गया। उन्होंने रेलवे लॉबी के पास लगाया दौसा-गंगापुर लाइन का नक्शा का अवलोकन किया गया।
पहले पैदल चले, बाद में रेलवे ट्रॉली से किया निरीक्षण जबलपुर जोन के अपर महाप्रबंधक शौभन चौधरी ने रेलवे स्टेशन से पैदल ही निरीक्षण करने के लिए निकले। उन्होंने पहले कैरिज के यहां रेलवे लाइन देखने के बाद रेलवे तीन पुलिया तक रेलवे लाइन देखने के बाद दौसा लाइन को दिल्ली -मुंबई मुख्य लाइन से जोड़ने के बारे में चर्चा की। इसके अलावा दौसा लाइन के कारण रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) बनकर तैयार हो गई के बारे में भी चर्चा की गई।उन्होंने रेलवे लाइन कहां से निकाली जाएगी का जायजा लिया गया।अपर महाप्रबंधक पैदल चलने के बाद थक जाने से उन्होंने रेलवे ट्रॉली में बैठकर करौली रेलवे फाटक तक निरीक्षण किया गया।
5 करोड की लागत से डलेगी ट्रैक और पॉइन्ट
स्थानीय रेलवे के अधिकारी ने बताया कि गंगापुर में 400 मीटर का ट्रैक एक पुलिया और 9 रेलवे लाइन पॉइट डाले जाएगें। इसके लिए लगभग पांच करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। इसके लिए कार्य शुरु हो गया है। इस दौरान अपर महाप्रबंधक के साथ मंडल रेल प्रबंधक पंकज शर्मा, रेलवे के सहायक अभियंता मलखान सिंह,स्टेशन अधीक्षक छुट्टन लाल मीना, आईडब्ल्यू कृपाल सिंह, सुधीर मिल्की, पावर अधिकारी घनश्याम मीना सहित रेलवे के अधिकरियों मौजूद थे।चीफ रेलवे कमीशनर का मार्च माह में प्रस्तावित दौरा रेलवे अधिकारियों ने बताया कि गंगापुर से डिडवाना तक काम पूरा होने के बाद पहले नोथ वस्ट रेलवे के चीफ रेलवे कमीशनर का मार्च माह में प्रस्तावित दौरा है। दौसा -गंगापुर रेल लाइन के लिए 2019 में 100 करोड़ रुपए आवंटित होने के बाद से ही अधूरे रेलवे ट्रेक के निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि कई दशक से 92.67 किलोमीटर की दौसा-गंगापुर रेलवे लाइन परियोजना के निर्माण का कार्य चल रहा है। रेलवे ने दौसा से लालसोट के डिडवाना तक करीब 36 किलोमीटर रेलवे लाइन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद डिडवाना से गंगापुर तक की 57 किलोमीटर रेलवे लाइन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रेलवे ने मार्च 2021 तक काम पूरा होने की आशंका जताई जा है। जबकि पिछले वर्ष रेल प्रशासन ने दौसा से डिडवाना तक रेल चला कर टेस्टिंग का कार्य भी पूरा कर लिया था।
डिडवाना से गंगापुर सिटी के बीच कार्य की गति तेज रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि अब डिडवाना से गंगापुर सिटी के बीच करीब 57 किलोमीटर के काम को मार्च 2021 तक पूरा करने के लिए रेलवे ने कमर कस ली है। साथ ही पुलों का निर्माण, ट्रेक पर मिट्टी डालने व जहां ट्रेक पर मिट्टी डालने का कार्य चल रहा है। जहां ये पूरा हो गया है वहां पर अब शीघ्र ही सीमेन्ट के स्लीपर डालने का कार्य किया जाएगा। गंगापुर सिटी, करौली रेलवे फाटक से दौलतपुर, अहमदपुर व खूंटला तक ट्रेक पर मिट्टी डालने व सीमेन्ट का पक्का ट्रेक डालने का काम जोरों पर चल रहा है। ओवर ब्रिज बनकर तैयार हो गया है।