दुबई एक्सपो में हुआ राजस्थान पैवेलियन का उद्घाटन राज्य प्रतिनिधिमंडल ने निवेशकों को किया आमंत्रित

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दुबई एक्सपो में हुआ राजस्थान पैवेलियन का उद्घाटनराज्य प्रतिनिधिमंडल ने निवेशकों को किया आमंत्रितजयपुर, 13 नवम्बर। दुबई एक्सपो में शनिवार को राजस्थान पैवेलियन का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्य प्रतिनिधिमंडल ने निवेशकों को राजस्थान में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही, राजस्थान में औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं को देखने के लिए 24 और 25 जनवरी, 2022 को होने वाले इन्वेस्ट राजस्थान में भी आंमत्रित किया।इस उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए नगरीय विकास मंत्री श्री शांति धारीवाल ने कहा कि राजस्थान पर्यटन में निवेश के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन है। साथ ही, रियल एस्टेट, मेडिकल, शिक्षा और कृषि से संबंधित निवेश की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी जयपुर सहित जोधपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर सहित सभी शहरों में विकास कार्य तेजी से हो रहें हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई नई नीतियां बनाई हैं और विभिन्न कानूनों का सरलीकरण किया गया है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस को ध्यान में रखते हुए उद्योगों से संबंधित विभिन्न अनुमतियां लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। उद्योग मंत्री श्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान में प्राकृतिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है यहां पर बिजली है, सड़क है, खनिज है, कृषि उत्पादों में विविधता एवं सम्पन्नता है। इसलिए राज्य में मैन्युफैक्चरिंग एवं निर्यात की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान को समावेशी, संतुलित और सतत औद्योगिक विकास के उत्कृष्ट इको – सिस्टम के साथ भारत में सबसे पंसदीदी गंतव्य बनाने हेतु राजस्थान औद्योगिक विकास नीति, 2019 एवं राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (रिप्स) , 2019 लागू की गई है। रिप्स के तहत निवेशकों को विभिन्न प्रकार की रियायतें दी जा रहीं हैं। साथ ही 100 करोड़ से अधिक के निवेश पर निवेश बोर्ड के माध्यम से कस्टमाइज्ड पैकेज भी दिया जाता है। उन्हेने कहा कि रिप्स राज्य में अप्रत्याशित निवेश आकर्षित करने में सफल रही है।श्री मीणा ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में उद्योग बिना किसी प्रशासनिक बाधा के स्थापित हो सके, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई श्रेणी के उद्योगों को 3 वर्षों तक राज्य सरकार के तहत आने वाले सभी अप्रूवल एवं इंस्पेक्शन से छूट दी है। साथ ही, उद्यमी को एक ही कार्यलय से विभिन्न विभागों से संबंधित स्वीकृतियां एक निश्चित समावधि में प्राप्त हो, इसके लिए वन स्टॉप शॉप की व्यवस्था लागू की है। उन्होंने कहा कि डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 39 प्रतिशत और डीएमआईसी प्रभाव क्षेत्र का करीब 58 प्रतिशत राजस्थान से गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान औद्योगिक नीतियों से राज्य में निवेश लगातार बढ़ रहा है। रीको के रिकॉर्ड प्लॉट्स की बिक्री से भी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रीको जल्द ही करीब 100 औद्योगिक क्षेत्र लांच करने जा रहा है। निवेशकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आइए और निवेश कीजिए आपको प्रत्येक सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार भविष्य की जरुरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सेक्टर्स के अलग नीतियों का निर्माण भी कर रही है।इस अवसर पर उद्योग राज्य मंत्री श्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि औद्योगिक अवसंरचना का विकास बहुत तीव्र गति से हो रहा है। कुल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का करीब 25 प्रतिशत भाग राजस्थान में है। भारतमाला परियोजना के 44 आर्थिक गलियारों में से 8 गलियारे राज्य से होकर गुजर रहें हैं। उन्होंने कहा कि बीओटी सड़क परियोजनाओं के लिए नीति तैयार करने की घोषणा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। राज्य में सौर ऊर्जा, सड़क, नगरीय विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, जल संसाधन और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के कई अवसर हैं।इस मौके पर फेडरेशन ऑफ राजस्थान एक्सपोर्टर्स के अध्यक्ष श्री राजीव अरोड़ा, राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त श्री धीरज श्रीवास्तव, रीको ईडी श्री रुकमणी रियार के साथ ही राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित निवेशक मौजूद रहे।&&&&&