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दौसा में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन

दौसा में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन
समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाने एवं इसे ज्यादा से ज्यादा
बढावा देने के लिये आवश्यक प्रयास करे– जिला कलक्टर
दौसा, 8 दिसम्बर। जिला कलक्टर पीयुष समारिया ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र की गतिविधियों का अवलोकन करते हुये कहा कि आने वाले समय को देखते हुए समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाने एवं उसे ज्यादा से ज्यादा बढावा देने के लिये आगे आकर कार्य करना होगा।
मंगलवार को कृषि विज्ञान केन्द्र दौसा के परिसर में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित करते हुये जिला कलक्टर ने यह बात कही। उन्होने कहा कि सभी वैज्ञानिक जिले के किसानों को कृषि के क्षेत्र में पूर्ण जानकारी देने के लिये विचार गोष्ठी, प्रदर्शनी व मेलो का आयोजन करे ताकि किसानों को कृषि के क्षेत्र में आवश्यक जानकारी समय पर मिल सके। इस दौरान जिला कलक्टर ने कृषि विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण कर संचालित गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
बैठक के विशिष्ट अतिथि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल. के. बालौत ने जिले को गाजर घास मुक्तकरने के लिए प्रशिक्षण एवं अन्य कार्यक्रमों के द्वारा किसानों को जागरूक करने की सलाहदी। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ बी. एल. जाट ने केन्द्र की गत वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी वर्ष की कार्य योजना के बारे में बताया। उप वन संरक्षक वी केतन कुमार ने किसानों को जैविक खेती अपनाने, मेड पर पेड लगाने के लिए किसानों को जागरूक करने की बात पर जोर दिया। इस अवसर पर निदेशक प्रसार शिक्षा निदेशालय, जोबनेर डॉ सुदेश कुमार, अटारी जोधपुर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ राजनारायण एवं निदेशक, राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा डॉ ए. एस. बलौदा पूरी बैठक के दौरान ऑनलाइन मोड पर जुडे रहे। डॉ सुदेश कुमार ने जिले में सुक्ष्म सिंचाई के अधिक से अधिक अपनाने एवं कीट व्याधि का सर्वे करवा आवश्यकतानुसार प्रदर्शन एवं परिक्षण के लिए सुझाव दिये। डॉ राजनारायण नें महिला एवं जन जातिय सशक्तिकरण पर जोर दिया। डॉ ए. एस. बलौदा नें सुझाव दिया कि कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि अनुसंंधान संस्थान मिलकर कार्य करें जिससे किसानों का विकास हो सके।
बैठक में मौजूद उप निदेशक कृषि राधेश्याम मीना एवं कृषि विभाग के अन्य अधिकारी, पशुपालन विभाग, उद्यान विभाग, कृषि महाविद्यालय लालसोट, राष्ट्रीय बीज निगम आदि के अधिकारियों, प्रगतिशील कृषक एवं कृषक महिलाओं ने भी जिले के किसानों के विकास के लिए अपने अपने सुझाव दिये। समिति की बैठक में कृषि विज्ञान के वैज्ञानिक डॉ आर. एल. मीना, डॉ बबीता डीगवाल, डॉ अक्षय चितौडा एवं डॉ सुनिता कुमारी ने अपने अपने कार्य के बारे में बताया। डॉ सुनिता कुमारी ने मंच का संचालन किया । कार्यक्रम के अन्त में डॉ आर. एल. मीना ने बैठक में पधारे सभी आगन्तुको का धन्यवाद देकर बैठक का समापन किया।

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