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कई गावों में पेयजल की समस्या गहराने लगी,पेयजल समस्या के चलते लोग परेशान-नादौती

नादोती , जिलाकरपुलि
गर्मी की दस्तक के साथ ही गांव कस्बा शहर, बाड़ा, सांवटा, कैमा,बरदाला, बागोर,बामोरी,गुडली, खुढा -चैनपुर , रलावता, खेड़ला, तेसगांव, कैमरी, मेंढेकापुरा , सलावद, जीरना, में पेयजल की समस्या गहराने लगी है पेयजल समस्या के चलते लोग परेशान हैं एक हजार रुपए का टैंकर मंगवाकर प्यास बुझा रहें हैं ,
नादौती पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गुढ़ाचंद्रजी में के गांव
रींगसपुरा ,आमलीपुरा ,नयावासी ,
रावताला में पेयजल समस्या से त्रस्त है
ग्रामीणों ने बताया कि नादौती तहसील के गांवों में पेयजल की समस्या गंभीर समस्या बनी हुई है इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है
गुढ़ाचंद्रजी में वैसे तो जलापूर्ति के लिए हेडपंप और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बोरवेल लगे हुए हैं , पानी की टंकी भी बनी हुई हैं लेकिन कस्बा गुढ़ाचंद्रजी में और आसपास के गांव में भूजल स्तर नीचे चले जाने से कुछ बोरवेल सूख गए हैं गांव में गुढ़ाचंद्रजी कस्बे में निजी नलकूप भी हैं लेकिन जलस्तर घटने से पानी की किल्लत हो गई है ग्राम पंचायत गुढ़ाचंद्रजी के पास परिसर में पेयजल की टंकियों का निर्माण भी कराया है लेकिन पानी के अभाव में खाली हैं गुढ़ाचंद्रजी ग्राम पंचायत में आबादी क्षेत्र में जनसंख्या भी 6000छ हजार से अधिक है कश्बे की महिलाओं को गांव से दूर तालाब, नदी के क्षेत्र में खुदे हुए कुआं से पानी लाना पड़ता है इस दौरान अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की समुचित प्रबंध नहीं हुआ तो कस्बे वासियों द्वारा गर्मियों में पेयजल को लेकर आंदोलन किया जाएगा

गुढ़ाचंद्रजी कस्बे सहित आसपास के दो दर्जन से अधिक गांव में चंबल परियोजना का पानी नहीं मिल रहा है इससे कस्बे सहित गांव के लिए चंबल परियोजना दिखावटी साबित हो रही है चंबल सवाई माधोपुर नादौती पेयजल परियोजना का पानी करीब ढाई साल से नादौती उपखंड मुख्यालय पर आ रहा है इससे उपखंड मुख्यालय वासियों को तो चंबल का पानी मिल रहा है लेकिन गुढ़ाचंद्रजी कस्बे की पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है गुढ़ाचंद्रजी कस्बे वासी पेयजल सुविधा से वंचित हैं नादौती उपखंड वासियों को दो दशक से अधिक समय से गुढ़ाचंद्रजी के नलकूपों द्वारा पानी की सप्लाई होती थी लेकिन करीब ढाई साल से नादोती उपखंड पर तो चंबल पेयजल परियोजना का पानी आ गया है इसके बाद से ही नादौती कस्बे में चंबल के पानी से सप्लाई हो रही है ग्रामीणों ने बताया कि चंबल परियोजना की लाखों रुपए खर्च करके पेयजल की व्यवस्था के लिए टंकी का कस्बे में निर्माण कराया गया है लेकिन पानी के इंतजार में सूखी पड़ी हुई है कस्बे में पेयजल की वर्ष भर किल्लत मची रहती है लोगों द्वारा कई बार रोड जाम लगाने के साथ आंदोलन किया गया है लेकिन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है वर्ष 2017 में नादौती उपखंड मुख्यालय पर किसानों द्वारा चंबल के पानी को लेकर और अन्य मांगों को लेकर 90 दिन तक धरना प्रदर्शन किया गया था उसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया ने नादौती कस्बे के लिए मार्च 2018 में पेयजल चंबल के पानी से व्यवस्था करवाई थी परंतु आज दिनांक तक नादौती से गुढ़ाचंद्रजी की ओर ढहरिया,भीलापाड़ा ,रींगसपुरा ,
गोट्याकापुरा ,आमलीपुरा, ,नयावासी , रावताडा, रघुनाथपुरा ,गुढ़ाचंद्रजी चौराहा ,तिमावा, घाटोली ,धोलेटा, राजाहेडा, गुणा ,बाड़ा, आदि गांव में पेयजल समस्या से होने से पानी की किल्लत मची हुई है, किसान नेता कमलेश नीमरोठ, नाहरसिंह सलावद , राजेश आदिवासी रिंगसपुरा , श्रीमन रींगसपुरा ,राजाहेडा सरपंच प्रतिनिधि तारासिंह , तिमावा सरपंच राजेंद्र तीमावा , गुढ़ाचंद्रजी कस्बेवासी योगेन्द्र शर्मा, संदीप , पूर्व पंचायत समिति सदस्य मोहन लाल बैरवा, सरपंच गुढ़ाचंद्रजी श्रीमती साधनासिंह , क्रय-विक्रय सहकारी समिति नादोती के चेयरमैन लोहड्चया राम मीना , पूर्व सरपंच दानसिंह , आदि ने गुढ़ाचंद्रजी कस्बे और आसपास के गांवों में चंबल परियोजना का पानी पेयजल हेतु उपलब्ध कराने की मांग की गई है , राजेश आदिवासी रिंगसपुरा ने बताया कि नादौती तहसील के गांवों को जल्द ही चम्बल सवाईमाधोपुर नादोती परियोजना का पानी पेयजल आपूर्ति नहीं की गई तो गुढ़ाचंद्रजी कस्बे वासी के साथ मिलकर आन्दोलन को मजबुर होना पड़ेगा ,

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