Indian Railways : मनीष तिवारी कोटा रेल मंडल के नए डीआरएम, पंकज शर्मा की जगह लेंगे

मनीष तिवारी कोटा रेल मंडल के नए डीआरएम बनाए गए हैं। मनीष यहां पर पंकज शर्मा की जगह लेंगे। पंकज को फिलहाल प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा गुरुवार देर रात इसके आदेश जारी किए गए।

मनीष संभवत सोमवार को अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। मनीष अभी तक रेलवे बोर्ड में कार्यरत थे।

सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के मामले और अपनी पत्नी को डीआरएम ऑफिस में बैठाने के लिए याद किए जाएंगे पंकज

अपने करीब 3 साल के कार्यकाल में पंकज शर्मा भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा मामले सामने आने और अपनी पत्नी को डीआरएम ऑफिस में बिठाने के लिए याद किए जाएंगे। इसके अलावा सबसे ज्यादा निलंबन और चार्जशीट देने के मामले में भी कर्मचारी पंकज को नहीं भूलेंगे। इसके अलावा पंकज डीआरएम पद पर सबसे ज्यादा समय तक बने रहने के लिए भी याद किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पंकज का 2 साल का कार्यकाल गत वर्ष 20 नवंबर को समाप्त हो चुका था।

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सबसे ज्यादा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले की पंकज के कार्यकाल में सामने आए

उल्लेखनीय है कि पंकज के कार्यकाल में तत्कालीन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजय पाल, दो इंजीनियर सुपरवाइजर तथा एक आरपीएफ निरीक्षक और कांस्टेबल रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा पकड़े जा चुके हैं। इसके अलावा पंकज शर्मा के कार्यकाल में एलम (फिटकरी) पाउडर परिवहन का रेलवे का अब तक सबसे बड़ा घोटाला भी सामने आ चुका है। कोटा मंडल में कई जगह छापेमारी कर सीबीआई इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। खुलासा होना फिलहाल बाकी है। पर माना जा रहा है कि यह पूरा घोटाला 100 करोड़ रुपए से ऊपर का निकलेगा। भ्रष्टाचार के इतने मामले कोटा रेल मंडल के इतिहास में अभी तक सामने नहीं आए।

पत्नी के लिए खोला चेंबर

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पंकज शर्मा ने अपने कार्यकाल में अपनी पत्नी के लिए डीआरएम ऑफिस में ही एक चेंबर खुलवा दिया था। डीआरएम ने यह चेंबर अपनी पत्नी के महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष होने के नाते खुलवाया था। जबकि यह पूरी तरह से एक गैर मान्यता प्राप्त संगठन है। डीआरएम ऑफिस में इसका कार्यालय खुलवा कर पंकज शर्मा टेलीफोन, लाइट, पानी बिजली का बिल और कर्मचारियों का खर्चा रेलवे पर थोपने की तैयारी में थे। हालांकि मामला सामने आने के बाद मुख्यालय के दखल के चलते इस कार्यालय का उपयोग नहीं हो सका।

कर्मचारियों में खुशी की लहर

पंकज के पद से हटने की खबर से अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारी और कर्मचारी करीब एक साल से पंकज के हटने की प्रतीक्षा कर रहे थे। पंकज के कार्यकाल में अधिकारियों और कर्मचारी एक-एक दिन गिन रहे थे।