Kota : अपने परिजनों को बैटरी कार में बिठाकर ट्रेन तक छोड़ने गए मंडल मुखिया, स्टेशन पर ऐसा हो रहा है उपयोग संसाधनों का

Kota : अपने परिजनों को बैटरी कार में बिठाकर ट्रेन तक छोड़ने गए मंडल मुखिया,

स्टेशन पर ऐसा हो रहा है उपयोग संसाधनों का

Kota Rail News : मंडल मुखिया के परिजन रविवार को कोटा पहुंचे। परिजन रविवार को ही वापस भी लौट गए। मंडल मुखिया अपने परिजनों को बैटरी कार में बिठाकर ट्रेन तक छोड़ने गए। इस कार में मंडल मुखिया खुद भी अपने परिजनों के साथ बैठे नजर आए। यह कार बुकिंग प्रवेश द्वार से प्लेटफार्म नंबर वन-ए पर खड़ी नंदा देवी ट्रेन तक पहुंची। मामले में खास बात यह है कि यह दूरी करीब 100 मीटर की है।
यात्रियों ने बताया कि हालांकि परिजन अधिक उम्र के लग रहे थे, लेकिन उन्हें चलने में कोई परेशानी नजर नहीं आ रही थी। कोटा आते समय परिजन बिना बैटरी कार के प्लेटफार्म के बाहर आए थे।
ताना सुनने के बाद दिखाई ताकत
यात्रियों ने बताया कि आते समय प्लेटफार्म पर पैदल चलने की बात परिजनों को अखर गई थी। इस पर परिजनों ने ताना मारा था कि मंडल मुखिया के रिश्तेदार होने के बावजूद भी उन्हें पैदल चलना पड़ रहा है।
इसके बाद मुखिया ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर लौटते समय परिजनों को तुरंत बैटरी कार उपलब्ध करवा दी। साथ ही खुद ने भी लुफ्त उठा लिया।
विकलांग और बुजुर्गों के लिए है यह कार
यात्रियों ने बताया कि बैटरी से चलने वाली यह कार केवल विकलांग और चलने में असमर्थ बुजुर्गों के लिए ही है। कई बार इन लोगों को भी समय पर यह बैटरी कार उपलब्ध नहीं हो पाती। ऐसे में हर बात में दूसरों की गलती खोजने वाले मुखिया को खुद की गलती नजर नहीं आई।

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