रेलवे यूनियन कार्यालयों में गूंज रही शहनाइयां, 3.27 करोड़ की रिकवरी बकाया फिर भी बेखौफ दुरुपयोग

रेलवे यूनियन कार्यालयों में गूंज रही शहनाइयां, 3.27 करोड़ की रिकवरी बकाया फिर भी बेखौफ दुरुपयोग

कोटा/शामगढ़। रेलवे यूनियनों द्वारा सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। मान्यता चुनाव हारने के बाद भी 'वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाई यूनियन' द्वारा खाली नहीं किए गए कार्यालयों का अब व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। ताजा मामला शामगढ़ शाखा कार्यालय का है, जहां नियमों को ताक पर रखकर शादी समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।

शादी समारोह के लिए किराए पर दिए जा रहे कार्यालय

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को शामगढ़ स्थित यूनियन कार्यालय में एक शादी समारोह का आयोजन किया गया। स्थानीय कर्मचारियों ने बताया कि इन कार्यालयों को नियम विरुद्ध तरीके से निजी आयोजनों के लिए किराए पर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, आगामी दिनों के लिए भी यहां शादियों की बुकिंग जारी है। रेलवे की संपत्ति पर इस तरह का निजी और व्यावसायिक दखल प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठा रहा है।

3.27 करोड़ की भारी-भरकम रिकवरी बकाया

उल्लेखनीय है कि मान्यता चुनाव में हार के बाद यूनियनों को अपने कार्यालय खाली करने थे या उनका निर्धारित किराया रेलवे को जमा करवाना था। ऐसा न करने पर रेलवे ने भारी रिकवरी निकाली है:

  • कुल रिकवरी: 17 दिसंबर 2024 से 30 नवंबर 2025 तक की अवधि के लिए 3 करोड़ 27 लाख 72 हजार 300 रुपए का बकाया निकाला गया है।

  • कोटा मंडल: अकेले कोटा मंडल कार्यालय पर 2 करोड़ 62 लाख 59 हजार रुपए की रिकवरी बकाया है।

  • भोपाल मंडल: भोपाल में यह राशि करीब 65 लाख 66 हजार 400 रुपए है।

  • शामगढ़ का नाम भी शामिल: रिकवरी की इस लिस्ट में शामगढ़ कार्यालय का नाम भी प्रमुखता से शामिल है।

अधिकारियों की चुप्पी और कर्मचारियों में रोष

रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन को पूरी स्थिति की जानकारी है। इसके बावजूद इन अवैध गतिविधियों और भवनों पर कब्जे को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। एक तरफ रेलवे अपनी आय बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे स्रोतों पर ध्यान दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों की रिकवरी और संपत्तियों के दुरुपयोग को लेकर 'सफेद हाथी' बना बैठा है।

अवैध कब्जे से राजस्व का नुकसान

रेलवे यूनियन कार्यालयों का उपयोग केवल कर्मचारी हितों और सांगठनिक कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। लेकिन मान्यता खत्म होने के बाद इन भवनों का कब्जा न छोड़ना और उन्हें शादी-ब्याह के लिए उपयोग करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि रेलवे को मिलने वाले राजस्व का भी सीधा नुकसान है।

#RailwayNews #WCREU #RailwayUnion #KotaDivision #ShamgarhRailway #RailwayPropertyMisuse #RailwayRecovery #AuditObjection #IndianRailways #CorruptionExposed

G News Portal G News Portal
20 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.