कोटा। कोटा रेल मंडल में पिछले कुछ दिनों से रेल कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हृदय संबंधी रोगों (Heart Diseases) का खतरा डराने वाले स्तर तक बढ़ गया है। सोमवार रात कोटा मंडल के मुख्य लोको निरीक्षक (CLI) आर.एन. दुबे की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस दुखद खबर के बाद रेल प्रशासन और कर्मचारी वर्ग में शोक की लहर है।
आर.एन. दुबे की असामयिक मृत्यु ने रेलवे अस्पताल और प्रशासनिक हलकों को हिलाकर रख दिया है। गौरतलब है कि अभी पिछले सप्ताह ही रेलवे अस्पताल के एक असिस्टेंट की भी हार्ट अटैक के कारण जान चली गई थी। मौतों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुक रहा है; हाल ही में परिचालन विभाग (Operating Department) के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और सुपरवाइजरों की तबीयत बिगड़ने के बाद उनके दिल में स्टेंट (Stents) डालने पड़े हैं।
रेलवे यूनियनों और जानकारों का मानना है कि इन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के पीछे सबसे बड़ा कारण अत्यधिक मानसिक तनाव (Stress) है।
लंबी ड्यूटी: सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों पर लगातार दबाव बना रहता है।
अधिकारियों पर बोझ: परिचालन और सुरक्षा विभाग के सुपरवाइजरों को कड़े लक्ष्यों और सुरक्षा मानकों के बीच काम करना पड़ता है।
अनियमित जीवनशैली: ड्यूटी के घंटों में अनिश्चितता और नींद की कमी भी दिल की बीमारियों को न्योता दे रही है।
आर.एन. दुबे एक अनुभवी निरीक्षक थे और स्टाफ में काफी लोकप्रिय थे। उनकी मृत्यु के बाद रेलकर्मियों ने मांग की है कि प्रशासन को कर्मचारियों के स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन (Stress Management) के लिए विशेष शिविर आयोजित करने चाहिए और कार्यस्थल पर दबाव कम करने के उपाय तलाशने चाहिए।
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