कोटा/शामगढ़। रेलवे के टीआरडी (Traction Rolling Stock) विभाग में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। शनिवार को शामगढ़ में बड़ी संख्या में रेल कर्मचारियों ने एकत्रित होकर वरिष्ठ खंड अभियंता (SSE) बाबूलाल प्रजापति के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सुपरवाइजर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बाबूलाल प्रजापति की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित शिकायतें की गई हैं:
ताजाशाही (तुगलकी) व्यवहार: कर्मचारियों का आरोप है कि बाबूलाल प्रजापति स्टाफ के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं करते और उन पर बेवजह दबाव बनाते हैं।
भेदभावपूर्ण ड्यूटी: आरोप है कि सुपरवाइजर चहेते कर्मचारियों को राहत देते हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों के साथ भेदभाव कर, मुख्यालय (Headquarters) जाने वाले स्टाफ की भी जबरन ड्यूटी लगा देते हैं।
अधिकारों का दुरुपयोग: कर्मचारियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने की चेतावनी दी है।
आंदोलनकारी कर्मचारियों ने विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी उंगली उठाई है। उनका कहना है कि:
"विवाद की मुख्य जड़ यह है कि असली इंचार्ज को ऑफिस के कागजी कामों में उलझा दिया गया है और उनकी जगह सुपरवाइजर को इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। अधिकार हाथ में आने के बाद सुपरवाइजर कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं।"
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन की शामगढ़ शाखा ने किया। प्रदर्शन में शाखा सचिव दीपक सिंह चौहान, सहायक सचिव विनय दुबे, फिरोज खान, जगदीश शर्मा, अनिल यादव और मोहन राव सहित टीआरडी विभाग के दर्जनों कर्मचारी शामिल हुए।
कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि समय रहते आरोपी सुपरवाइजर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें शामगढ़ से नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन और भी उग्र रूप लेगा, जिसकी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।
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