दंडित माल बाबू को 3 महीने से न्याय का इंतज़ार, भ्रष्टाचार के मामलों में भी बरती जा रही ढील

दंडित माल बाबू को 3 महीने से न्याय का इंतज़ार, भ्रष्टाचार के मामलों में भी बरती जा रही ढील

कोटा रेल मंडल में प्रशासनिक तंत्र की सुस्ती और फाइलों को दबाने का खेल जारी है। डीआरएम ऑफिस की गोपनीय शाखा द्वारा एक दंडित कर्मचारी की अपील को पिछले तीन महीनों से आगे नहीं बढ़ाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इसी तरह की लापरवाही का यह 8 दिनों में दूसरा मामला है।

क्या है पंकज सक्सेना का मामला?

करीब दो साल पहले विजिलेंस विभाग ने रावठा रोड स्थित 'सूखे बंदरगाह' (Dry Port) पर एक खाली मालगाड़ी का चार्ज नहीं वसूलने की अनियमितता पकड़ी थी। विजिलेंस की सिफारिश पर तत्कालीन माल बाबू पंकज सक्सेना को जिम्मेदार मानते हुए मंडल वाणिज्य प्रबंधक किशोर पटेल ने उन्हें दंडित किया था। सजा के तौर पर पंकज के मूल वेतन को छह माह के लिए दो स्तर नीचे (Demote) कर दिया गया था।

"मैं ड्यूटी पर था ही नहीं" - कर्मचारी की दलील

पंकज सक्सेना ने करीब तीन महीने पहले सीनियर डीसीएम को इस दंड के विरुद्ध अपील की थी। पंकज का दावा है कि जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन वे ड्यूटी पर थे ही नहीं, बल्कि उनकी जगह कोई दूसरा कर्मचारी तैनात था। वे अगले दिन ड्यूटी पर आए थे। अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए उन्होंने अपील की, लेकिन गोपनीय शाखा ने इस फाइल को तीन महीने तक दबाए रखा, जिससे उन्हें सुनवाई का मौका नहीं मिल पा रहा है।

8 दिन में दूसरा बड़ा खुलासा

यह मामला प्रशासनिक स्तर पर हो रही बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है:

  • भरतपुर का मामला: अभी 8 दिन पहले (31 दिसंबर) ही यह खुलासा हुआ था कि भरतपुर के तीन आरक्षण पर्यवेक्षकों, जिन्हें तत्काल टिकट दलाली में पकड़ा गया था, उनके दंड के आदेश को गोपनीय शाखा ने ढाई महीने तक दबाए रखा।

  • प्रशासन की चुप्पी: फाइलों को समय पर आगे न बढ़ाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति हो रही है।

कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि एक तरफ विजिलेंस छोटे-छोटे मामलों में कार्रवाई करती है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक शाखाएं फाइलों को दबाकर न्याय प्रक्रिया में बाधा डाल रही हैं।


हैशटैग: #KotaRailway #DRMKota #RailwayScandal #AdministrativeLapse #WCR #RailwayCorruption #EmployeeJustice #VigilanceRailway #KotaNews #RailwayDepartment

G News Portal G News Portal
57 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.