कोटा/आलोट। कोटा रेल मंडल के विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन पर तैनात एक रेल कर्मचारी के लिए अपनी ही चोरी हुई बाइक की रिपोर्ट दर्ज कराना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। रेलवे कॉलोनी जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह से बाइक चोरी होने के बाद अब पीड़ित कर्मचारी 'सिविल पुलिस' और 'जीआरपी' के बीच फुटबॉल बन गया है।
सिग्नल विभाग में कार्यरत रेलकर्मी रिंकू मीणा के साथ यह घटना मंगलवार शाम को टीआरडी रेलवे कॉलोनी में हुई। रिंकू शाम करीब 6 बजे अपने क्वार्टर पहुंचे और फेंसिंग के अंदर बाइक खड़ी कर लॉक लगाया। जब वे मात्र 25 मिनट बाद किसी काम से बाहर निकले, तो बाइक वहां से गायब थी। काफी तलाश के बाद भी जब बाइक नहीं मिली, तो रिंकू थाने पहुंचे।
चोरी की इस घटना ने एक बार फिर पुलिस और जीआरपी के बीच 'अधिकार क्षेत्र' के विवाद को खड़ा कर दिया है:
सिविल थाना: रिंकू जब स्थानीय सिविल थाने पहुंचे, तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि घटना रेलवे कॉलोनी (रेलवे क्षेत्र) की है, इसलिए जीआरपी में मामला दर्ज कराएं।
शामगढ़ जीआरपी: जब पीड़ित शामगढ़ जीआरपी पहुंचा, तो वहां से यह जवाब मिला कि कॉलोनी का हिस्सा सिविल पुलिस के अंतर्गत आता है।
नतीजतन, घटना के 3 दिन बीत जाने के बाद भी रिंकू मीणा की एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है और वे अपनी फरियाद लेकर थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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