जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में पेश किए गए बजट 2026-27 में नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं। 'लखपति दीदी' योजना के विस्तार से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीओ (BPO) खोलने तक, सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है।
वित्त मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को बड़ा तोहफा देते हुए 'लखपति दीदी' श्रेणी की महिलाओं के लिए ऋण सीमा बढ़ा दी है।
बदलाव: अब ऋण की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी गई है।
लाभ: यह ऋण ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) के साथ मिलेगा, जिससे ग्रामीण महिलाएं अपना छोटा उद्योग या स्वरोजगार आसानी से शुरू कर सकेंगी।
उपलब्धि: प्रदेश में अब तक 16 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
शिक्षित ग्रामीण महिलाओं को अब रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना होगा।
घोषणा: प्रत्येक जिले में ‘रूरल वूमेन बीपीओ’ (Rural Women BPO) स्थापित किए जाएंगे।
बजट: इन सेंटर्स की स्थापना और संचालन के लिए सरकार 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नए कदम उठाए हैं:
राजसखी स्टोर: राजीविका के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए सभी संभागीय मुख्यालयों पर 'राजसखी स्टोर' खोले जाएंगे।
नंद घर: प्रदेश के 7,500 आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक 'नंद घर' के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां बच्चों के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
"हमारी सरकार का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि उन्हें प्रदेश की डिजिटल और आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ना है।" - दीया कुमारी, वित्त मंत्री
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