दौसा | राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) का लाभ ले रहे अपात्र लोगों के खिलाफ दौसा जिला रसद विभाग ने अब सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के ‘गिव अप’ अभियान के तहत अब तक जिले के हज़ारों लोग योजना से बाहर हो चुके हैं, लेकिन जो अब भी नियमों को ताक पर रखकर राशन उठा रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और वसूली की तैयारी कर ली गई है।
जिला रसद अधिकारी (DSO) मोहनलाल देव के अनुसार, विभाग की जागरूकता और सख्ती का सकारात्मक असर देखने को मिला है। अब तक जिले के 4,260 परिवारों के कुल 20,853 सदस्यों ने ईमानदारी का परिचय देते हुए स्वेच्छा से अपना नाम योजना से हटवा लिया है।
जांच में दोषी पाए गए 1,158 अपात्र व्यक्तियों को विभाग की ओर से औपचारिक नोटिस जारी कर दिया गया है। विभाग मुख्य रूप से उन लोगों को चिन्हित कर रहा है जो निम्नलिखित श्रेणियों में आते हैं:
सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत्त पेंशनभोगी।
आयकर दाता (Income Tax Payers)।
जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक है।
जिनके पास स्वयं का चारपहिया वाहन (निजी कार आदि) है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 28 फरवरी 2026 तक अपात्र व्यक्ति स्वयं आवेदन कर नाम हटवा सकते हैं। इसके बाद पकड़े जाने पर:
अब तक लिए गए राशन की बाजार दर (Market Rate) से वसूली की जाएगी।
भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
अपात्रों को पकड़ने के लिए विभाग ने हाई-टेक रास्ता अपनाया है। प्रवर्तन अधिकारियों और खाद्य निरीक्षकों की टीमें घर-घर जाकर सत्यापन कर रही हैं। साथ ही, परिवहन विभाग से चारपहिया वाहन स्वामियों का डेटा लेकर राशन कार्ड डेटाबेस से मिलान किया जा रहा है, जिससे अपात्रों की पहचान करना बेहद आसान हो गया है।
DSO का संदेश: "यह अभियान किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि जरूरतमंदों का हक सुनिश्चित करने के लिए है। राशन वितरण में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है।"
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