कोटा। कोटा रेल मंडल में पिछले 24 घंटों के दौरान दुखद घटनाओं का सिलसिला बना रहा। रेलवे अस्पताल के एक कर्मचारी और एक लोको पायलट की असामयिक मृत्यु के साथ-साथ कई अधिकारियों के स्वास्थ्य बिगड़ने से रेल गलियारों में चिंता व्याप्त है।
रेलवे अस्पताल में हॉस्पिटल अटेंडेंट के पद पर तैनात रामशंकर की गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
रामशंकर का रिटायरमेंट इसी महीने 28 फरवरी को होना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
रात को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
गुरुवार को ही 50 वर्षीय लोको पायलट महावीर कुमावत की कैंसर से मौत हो गई। महावीर लंबे समय से गले के कैंसर से जूझ रहे थे। बुधवार को तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।
मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों की सेहत को लेकर भी खबरें चिंताजनक रहीं:
एओएम (AOM) विष्णु कुमार प्रजापति और स्टेशन मास्टर संजय चौहान को दिल संबंधी परेशानी के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ सोमवार को दोनों के दिल में स्टेंट (Stent) डाले गए। गुरुवार को उन्हें डिस्चार्ज किया गया।
यातायात निरीक्षक (सेफ्टी) दिनेश खन्ना भी दिल के चेकअप के लिए अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
यातायात निरीक्षक (नियम) पंकज मित्तल और यातायात निरीक्षक (प्लानिंग) सुबोध शर्मा चलती मोटरसाइकिल से अचानक गिरकर घायल हो गए। इस हादसे में सुबोध का हाथ और पंकज का पैर टूट गया है।
डॉक्टरों के अनुसार, रेलकर्मियों में बढ़ते हार्ट अटैक और गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण मानसिक तनाव (Stress) और बदलती जीवनशैली है। विशेषज्ञों ने स्वस्थ रहने के लिए योग, संतुलित आहार, एक्सरसाइज और तनावमुक्त रहने की सलाह दी है।
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