नई दिल्ली। चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों के नाम बदलने की हालिया हरकत पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा है कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है, है और हमेशा रहेगा। भारत ने चीन के इस तरह के प्रयासों को पूरी तरह से अस्वीकार करते हुए इसे व्यर्थ और निरर्थक बताया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीन का यह कदम अरुणाचल प्रदेश पर उसके निराधार दावों को मजबूत करने का एक और प्रयास है, जिसे भारत दृढ़ता से खारिज करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नामों को बदलने की कोशिश वास्तविकता को नहीं बदल सकती है। अरुणाचल प्रदेश भारतीय क्षेत्र का एक अटूट हिस्सा है और रहेगा।
भारत का यह सख्त संदेश ऐसे समय में आया है, जब चीन ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के भीतर कुछ गांवों और अन्य स्थानों के लिए मानकीकृत चीनी नामों की चौथी सूची जारी की है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता रहा है और इस क्षेत्र पर अपना दावा जताता रहा है। हालांकि, भारत ने हमेशा चीन के इस दावे को सिरे से खारिज किया है।
भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश एक सुस्थापित भारतीय राज्य है और इसके नाम बदलने के चीन के किसी भी एकतरफा प्रयास का कोई कानूनी या अंतरराष्ट्रीय आधार नहीं है। भारत ने चीन से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने का आग्रह किया है और ऐसे कदमों से बचने की सलाह दी है जो द्विपक्षीय संबंधों को और जटिल बना सकते हैं।
चीन की यह हरकत दोनों देशों के बीच सीमा पर पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि, भारत अपने रुख पर कायम है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है।
#चीन_की_चाल #अरुणाचल_प्रदेश #भारत_चीन #सीमा_विवाद #भारत #चीन #विदेश_मंत्रालय #संप्रभुता #अखंडता
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.