आज सुबह नेपाल और उसके आसपास के क्षेत्रों में आए विनाशकारी भूकंप ने दक्षिण एशिया को हिलाकर रख दिया है। रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता वाले इस भूकंप के झटके भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए, खासकर बिहार में। इस भूकंप में नेपाल में अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
भूकंप का केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र तिब्बत के शिज़ांग में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप के कई झटके आए, जिनमें से सबसे बड़ा झटका सुबह 6:35 बजे महसूस किया गया।
भारत में प्रभाव
भूकंप के झटके भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए, जिनमें बिहार, असम और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। बिहार में मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, मुंगेर, अररिया, सीतामढ़ी, गोपालगंज, वैशाली, नवादा और नालंदा जैसे कई इलाकों में भूकंप के झटके करीब 30 सेकंड तक महसूस किए गए। हालांकि, अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
नेपाल में स्थिति
नेपाल में भूकंप से काफी तबाही हुई है। कई इमारतें ढह गई हैं और कई लोग घायल हुए हैं। नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
नेपाल का भूगर्भीय इतिहास
नेपाल भूगर्भीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं। इसी कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। 2015 में नेपाल में आए दो विनाशकारी भूकंप में 9,000 से अधिक लोगों की जान गई थी।
सावधानी बरतने की जरूरत
भूकंप के खतरे को देखते हुए हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए। भूकंप आने पर हमें शांत रहकर सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। हमें भूकंप के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए लोगों को शिक्षित करना चाहिए।
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.