आखिर अजमेर के सांसद, विधायक, पार्षद और पंचायती राज के जनप्रतिनिधि क्यों चुप हैं?
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हालांकि मानसून का एक दौर अभी बाकी है, लेकिन अभी तक के बरसात के मौसम में अजमेर, जयपुर और टोंक जिले की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं आया है। बांध का जल स्तर 310.64 मीटर ही है। बांध के इस पानी को सितम्बर 22 तक चलाना है। ऐसे में जलदाय विभाग के इंजीनियर अजमेर जिले में तीन दिन में पानी 72 घंटे में एक बार मात्र एक घंटे के लिए पेयजल सप्लाई की तैयारी कर रहे हैं। अभी अजमेर में दो दिन में पानी 48 घंटे में एक बार पेयजल की सप्लाई होती है। हालांकि जलदाय विभाग का दो दिन वाला दावा भी झूठा है, क्योंकि अजमेर शहर के उत्तर क्षेत्र के अधिकांश भागों में अभी भी तीन दिन में एक बार पेयजल की सप्लाई होती है। विभाग का दो दिन का दावा भी यदि मान लिया जाए तो भी सवाल उठता है कि जयपुर जिले का रोजाना पेयजल की सप्लाई क्यों की जा रही है? यदि बीसलपुर बांध में पानी की कमी है तो फिर इसका जयपुर पर भी असर पड़ना चाहिए। बांध में पानी की कमी का असर सिर्फ अजमेर जिले पर ही क्यों पड़ रहा है? जब अजमेर में तीन दिन की योजना बनाई जा रही है तो जयपुर के लिए कम से कम दो दिन में एक पेयजल की सप्लाई की योजना बनाई जानी चाहिए। ब दोनों जिलों के पेयजल का स्त्रोत बीसलपुर बांध ही है, तब यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? बीसलपुर बांध के पानी को लेकर शुरू से ही अजमेर के साथ भेदभाव हो रहा है7 राज भाजपा का हो या कांग्रेस का। दोनों ही शासनों में अजमेर के जनप्रतिनिधि कमजोर साबित हुए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सांसद दिल्ली में और विधायक जयपुर में जाकर बस जाते हैं। स्थानीय निकायों के पार्षद और पंचायती राज के प्रतिनिधि के घरों में टैंकरों से पेयजल की सप्लाई मुफ्त हो जाती है, इसलिए अजमेर में पेयजल की किल्लत पर कोई आवास नहीं उठाता। कोई जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री और जलदाय मंत्री से यह नहीं पूछता कि जयपुर के मुकाबले में अजमेर के साथ क्यों भेदभाव किया हो रहा है? भाजपा के शासन में दो विधायक सरकार में स्वतंत्र प्रभारी के मंत्री थे तो दो विधायक संसदीय सचिव बन कर राज्यमंत्री का रुतबा दिखा रहे थे। अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा को भी राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया, लेकिन फिर भी भाजपा राज में दो दिन में एक बार ही पेयजल की सप्लाई हुई। अब जिले के कांग्रेसी विधायक रघु शर्मा कांग्रेस सरकार में सबसे ताकतवर मंत्री हैं और जिले में तीन दिन में एक बार पेयजल सप्लाई की योजना बनाई जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री होने के कारण रघु शर्मा भी अधिकांश समय जयपुर में ही रहते हैं। इसे राजनीतिक बेशर्मी ही कहा जाएगा कि हर पांच साल में वोट मांगने तो आ जाते हैं, लेकिन अपने जिले की पेयजल समस्या का समाधान नहीं करते।