अब प्रतिदिन 21 हजार लीटर पीएनजी गैस पाइपलाइन से पहुंचेगी। इससे प्रतिमाह एक करोड़ रुपए की बचत होगी।

अब प्रतिदिन 21 हजार लीटर पीएनजी गैस पाइपलाइन से पहुंचेगी। इससे प्रतिमाह एक करोड़ रुपए की बचत होगी।

अजमेर डेयरी में अब प्रतिदिन 21 हजार लीटर पीएनजी गैस पाइपलाइन से पहुंचेगी। इससे प्रतिमाह एक करोड़ रुपए की बचत होगी।
पाइप से रसोई गैस के लिए अजमेर में अब तक 80 हजार उपभोक्ताओं का रजिस्ट्रेशन। 45 हजार घरों में मीटर और पाइप फिट।
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सहकारिता के क्षेत्र में चलने वाली अजमेर डेयरी देश की उन चुनिंदा डेयरियों में शामिल हो गई है, जिसमें पाइप लाइन के जरिए प्रोटेस्ट नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई होगी। अजमेर डेयरी के प्रगतिशील अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि डेयरी के नए और पुराने प्लांट में स्टीम तैयार करने के लिए प्रतिदिन 20 हजार लीटर से भी ज्यादा गैस की जरुरत होती है। इसके लिए बड़ी संख्या में सिलेंडर मंगवाने पड़ते हैं। कई बार सिलेंडर के लीक होने का खामियाजा भी डेयरी प्रबंधन को उठाना पड़ता है। लेकिन अब सिलेंडर की मुसीबतों से डेयरी प्रबंधन को निजात मिल जाएगा। डेयरी के एमडी उमेश चंद व्यास और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के उपाध्यक्ष विनोद कुमार ढाका के बीच एक अनुबंध हुआ है। इस अनुबंध के अंतर्गत अप्रैल 2022 से डेयरी की आवश्यकता अनुसार पीएनजी गैस की सप्लाई पाइप लाइन के जरिए होगी। चौधरी ने बताया कि पीएनजी गैस प्रदूषित नहीं है। इसमें ज्वलनशीलता का खतरा भी बहुत कम है। पाइपलाइन से गैस की सप्लाई होने से अजमेर डेयरी को प्रतिमाह एक करोड़ रुपए की बचत होगी। इस बचत का फायदा डेयरी से जुड़े पशुपालकों को दिया जाएगा। चौधरी ने बताया कि नया प्लांट लगने के बाद डेयरी की उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ रही है। मौजूदा समय में प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग हो रही है। डेयरी में सरस ब्रांड के विभिन्न उत्पाद तो तैयार हो ही रहे हैं, साथ ही बड़ी मात्रा में दूध का पाउडर भी बनाया जा रहा है। दूसरी डेयरियों के दूध का पाउडर भी बनाने का काम अजमेर में हो रहा है। चौधरी ने बताया कि डेयरी के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित दूध संग्रहण केंद्रों पर भी कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम लगे हुए हैं। संग्रहण केंद्रों पर कोल्ड स्टोरेज भी बने हुए हैं। इससे कई घंटों तक दूध को सुरक्षित रखा जा सकता है। कंप्यूटराइज्ड सिस्टम होने की वजह से दूध की गुणवत्ता का भी ख्याल रखा जाता है। पशुपालकों को भी कंप्यूटराइज्ड सिस्टम पर पूरा भरोसा है। दूध का फैट कंप्यूटर पर ही मापा जाता है। अजमेर डेयरी देश की उन गिनी चुनी डेयरियों में शामिल है,जहां अत्याधुनिक मशीनों पर दूध की प्रोसेसिंग होती है तथा काम काज में पूरा पारदर्शिता बनी हुई है। डेयरी प्रबंधन दुग्ध उत्पादकों के हितों का भी पूरा ख्याल रखता है। अजमेर डेयरी के आधुनिकीकरण के संबंध में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9414004111 पर अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी से ली जा सकती है।
80 हजार उपभोक्ताओं का रजिस्ट्रेशन:
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के उपाध्यक्ष विनोद कुमार ढाका ने बताया कि राजस्थान में अजमेर उन तीन शहरों में शामिल हैं, जहां पाइप लाइन से घरों तक रसोई गैस की सप्लाई की जानी है। शहर में अब तक 80 हजार उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है और उनकी कंपनी की ओर से 45 हजार घरों में पीएनजी गैस के मीटर और जीआई पाइप फिट कर दिए गए हैं। अधिकांश क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछा दी गई है। उम्मीद है कि अप्रैल 2022 तक अजमेर के लोगों को घरों तक पाइप लाइन के जरिए गैस की सप्लाई हो। ढाका ने बताया कि पीएनजी गैस सीएनजी की तुलना में सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल भी है। जिन घरों में पाइप लाइन से गैस की सप्लाई होगी वहां सिलेंडरों के झंझट से मुक्ति मिलेगी।

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