मुस्लिम युवक को पीटने के मामले में शिकायत के बगैर ही पुलिस ने पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।

मुस्लिम युवक को पीटने के मामले में शिकायत के बगैर ही पुलिस ने पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।

मुस्लिम युवक को पीटने के मामले में शिकायत के बगैर ही पुलिस ने पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
वीडियो के आधार पर अजमेर पुलिस ने तत्परता से कार्यवाही की-एसपी जगदीश चंद्र शर्मा।
पीड़ित मुस्लिम युवक की अभी भी तलाश।
इंदौर और अजमेर की घटना में असदुद्दीन ओवैसी भी कूदे।
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अजमेर में एक मुस्लिम युवक को पीटने और दरगाह क्षेत्र में जाकर भीख मांगने की सीख देने के मामले में पांच व्यक्तियों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह पांचों व्यक्ति फिलहाल अदालत से जमानत पर हैं। जिला पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र शर्मा ने बताया कि गत 24 अगस्त को रामगंज पुलिस थाना को सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो में कुछ युवक एक मुस्लिम युवक के साथ मारपीट कर रहे थे। वीडियो के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया और सबसे पहले मारपीट करने वाले युवकों की तलाश की गई। जांच में यह पता चला कि यह वीडियो रामगंज थाना क्षेत्र के सुभाष नगर की अशोक विहार कॉलोनी में जय गोपाल गौड़ के मकान के बाहर का है। लेकिन जय गोपाल ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया। तब जय गोपाल के सामने रहने वाले विष्णु रावत को वीडियो दिखाया और रावत ने माना कि यह वीडियो उनके घर के सामने का है। पुलिस ने जांच में चन्दबरदाई नगर निवासी ललित शर्मा को मुख्य आरोपी माना। ललित शर्मा के साथ सुरेन्द्र उर्फ सोनू, तेजपाल, रोहित शर्मा व शैलेंद्र टांक के नामों की भी पुष्टि हुई। लेकिन इधर उधर पता लगाने के बाद भी पीड़ित युवक की कोई जानकारी नहीं हो सकी। युवक को दरगाह क्षेत्र में भी तलाश करवाया गया। चूंकि आरोपी ललित शर्मा वीडियो में मुस्लिम युवक को थप्पड़ मारते और दरगाह क्षेत्र में जाकर भीख मांगने की सीख देते देखा गया इसलिए ललित शर्मा और उसके चारों साथियों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में पूरी तत्परता के साथ कार्यवाही की है। एसपी शर्मा ने कहा कि लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को कोई शिकायत अथवा परेशानी है तो तत्काल संबंधित पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराए। यदि पुलिस स्टेशन पर सुनवाई नहीं होती है तो सीधे उनसे आकर मिल सकता है। उनके कार्यालय में आने वाले हर व्यक्ति से वे स्वयं मुलाकात करते हैं। प्राप्त शिकायत पर तत्काल और प्रभावी कार्यवाही भी की जाती है। एसपी ने कहा कि अजमेर में सभी धर्मों के लोग सद्भावना के साथ रहते हैं। वहीं क्षेत्र के डीएसपी मुकेश सोनी ने बताया कि अभी भी मुस्लिम युवक की तलाश की जा रही है। वीडियो में मुस्लिम युवक के साथ एक व्यक्ति और एक महिला भी नजर आ रहे हैं। पीड़ित युवक यदि अपना बयान दर्ज करवाता है तो पुलिस आगे भी सख्त कार्यवाही करेगी। इस मामले में क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुछ लोग क्षेत्र में घरों पर जाकर भीख मांगते हैं, जिससे परेशानी होती है। आए दिन ऐसे व्यक्तियों को समझाने की कार्यवाही की जाती है।
इंदौर और अजमेर की घटना में ओबैसी कूदे:
न्यूज चैनलों पर अजमेर और इंदौर की घटनाओं को एक साथ दिखाया जा रहा है। इंदौर में कुछ युवक दो मुस्लिम युवकों को पीट रहे हैं, आरोप है कि दोनों मुस्लिम युवक हिन्दू नाम रखकर चूडिय़ां बेच रहे थे। पीटने वालों का कहना रहा कि मुस्लिम युवकों को अपने असली नाम से ही चूडिय़ां बेचनी चाहिए। चूंकि न्यूज चैनलों पर दोनों वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, इसलिए एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओबैसी भी सक्रिय हो गए हैं। ओबैसी ने दोनों घटनाओं की निंदा करते हुए राज्य सरकारों से आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।

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