ई-रिक्शा हैक करने वाले 3 मोबाइल ऐप्स पर भारत सरकार ने लगाया बैन, गूगल और एप्पल को हटाने के निर्देश
देश की सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा की सुरक्षा और गरीब चालकों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने दुनिया के दो सबसे बड़े टेक प्लेटफॉर्म—गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) और एप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store)—को तत्काल प्रभाव से तीन खतरनाक मोबाइल ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने (ब्लॉक करने) का कड़ा निर्देश जारी किया है।
बैन किए गए इन तीन ऐप्स के नाम हैं:
BAT-BMS
Epoch-i-ion
Lossigy
पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर में ई-रिक्शा चालकों को एक बेहद अजीब और खतरनाक समस्या से जूझना पड़ रहा था। सवारियों से भरे ई-रिक्शा अचानक चलते-चलते बीच सड़क पर ठप हो रहे थे, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बढ़ गया था।
कैसे होती थी हैकिंग?
जांच में सामने आया कि इन बजट ई-रिक्शा में जो आधुनिक लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी लगी होती है, उसका बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ब्लूटूथ कनेक्टिविटी से लैस होता है। कई निर्माता कंपनियां लागत घटाने के चक्कर में या लापरवाही वश इस ब्लूटूथ सिस्टम में कोई सुरक्षा पासवर्ड (Default Password) नहीं लगाती हैं।
सिर्फ व्यूज के लिए खेल: कुछ शरारती तत्वों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने सिर्फ वीडियो बनाने, व्यूज बटोरने और मजे लेने के लिए इन ऐप्स का सहारा लिया। इन ऐप्स की मदद से कोई भी अज्ञात व्यक्ति 10 से 15 मीटर की दूरी से ही ई-रिक्शा के ब्लूटूथ को हैक कर लेता था और ड्राइवर की मर्जी के बिना गाड़ी की पावर सप्लाई को सीधे 'स्विच ऑफ' कर देता था।
इस गंभीर तकनीकी गड़बड़ी और साइबर सुरक्षा में सेंधमारी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ई-रिक्शा ऑपरेटरों ने सरकार से गुहार लगाई थी, जिस पर मंत्रालय ने तुरंत संज्ञान लिया।
आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि जैसे ही यह मामला सरकार के सामने आया, राष्ट्रीय सुरक्षा और पब्लिक सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए तुरंत दोनों टेक कंपनियों को आदेश जारी कर इन ऐप्स को भारत में ब्लॉक करवा दिया गया। उन्होंने दो टूक कहा:
ऐप स्टोर्स की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसे ऐप्स को जगह न दें जो आम जनता की सुरक्षा के लिए खतरा बनें।
सरकार अब डिजिटल स्टोर्स के लिए नए और कड़े नियम (New Digital Rules) बनाने पर विचार कर रही है ताकि भविष्य में देश के बुनियादी ढांचे या परिवहन को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे दुर्भावनापूर्ण ऐप्स डाउनलोड ही न किए जा सकें।
इस त्वरित प्रतिबंध से गरीब ई-रिक्शा चालकों और उनमें सफर करने वाले दैनिक यात्रियों ने बड़ी राहत की सांस ली है। हालांकि, तकनीकी और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चालकों को भविष्य के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है:
पासवर्ड बदलें: सभी ई-रिक्शा चालक तुरंत अपने नजदीकी बैटरी सर्विस सेंटर या डीलर के पास जाएं।
डिफॉल्ट सेटिंग हटाएं: अपनी बैटरी के ब्लूटूथ सिस्टम का 'डिफॉल्ट पासवर्ड' (जैसे 0000 या 1234) बदलवाकर एक नया और मजबूत पासवर्ड सेट कराएं।
इससे कोई भी अन्य ऐप या रिमोट डिवाइस आपकी गाड़ी की बैटरी और पावर सप्लाई को बिना आपकी अनुमति के कंट्रोल नहीं कर सकेगा।
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